चुनाव आचार संहिता से कारोबारियों की दिवाली पर लगा ग्रहण, कारोबार प्रभावितचुनाव आचार संहिता से कारोबारियों की दिवाली पर लगा ग्रहण, कारोबार प्रभावित

चुनाव आचार संहिता से कारोबारियों की दिवाली पर लगा ग्रहण, कारोबार प्रभावित

नेहा जैन, इंदौर

न्यूज़ओ2डॉटकॉम

चुनाव आदर्श आचार संहिता का ग्रहण आगामी दिवाली और अन्य त्योहारों के कारोबार पर लगता दिख रहा है। इसकी वजह दिवाली के ठीक बाद मप्र में होने वाले विधान सभा चुनाव 2023 हैं। कारोबारी इसे व्यवसाय के लिए प्रतिकूल बता रहे हैं तो फूँक फूँक कर कदम रख रही कांग्रेस जैसे इस मामले में कोई बयान देना ही नहीं चाहती है। दरअसल आज कांग्रेस के जारी वचन पत्र को लेकर प्रेस वार्ता में न्यूज़ओ2डॉटकॉम ने इस मामले में जीतू पटवारी की प्रतिक्रिया जाननी चाही  लेकिन उन्होने इसे आयोग का निर्णय बताकर एक तरह से जवाब देने से परहेज कर लिया।

उधर आर्थिक राजधानी इंदौर के कई कारोबारियों ने इस मामले को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है और निर्वाचन आयोग से राहत देने की मांग की है। हालांकि इंदौर रेडीमेड गारमेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी अक्षय जैन की राय उक्त वास्तु स्थिति से जुदा है। जैन की मानें तो समूचा रेडीमेड गारमेंट कारोबार नगदी के बजाय ऑनलाइन माध्यमों से सम्पन्न हो रहा है मसलन आचार संहिता का गारमेंट कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ रहा है।  

हम आपको बता दें कि ऑनलाइन कारोबार की तुलना में ऑफलाइन त्योहारी खरीदी- विक्रय में ज़्यादातर नगदी का इस्तेमाल किया जाता है। दूरदराज़ से आने वाले किसान, ग्रामीण और शहरी दिवाली पर इलेक्ट्रोनिक, ऑटोमोबाइल, एग्रीकल्चर उपकरण, जवाहरात, और अन्य वस्तुओं की भारी मात्रा में खरीदी करते हैं। आचार संहिता के फलस्वरूप जहां ग्राहक नगदी लेकर परिवहन कर रहे हैं तो वहीं कारोबारियों का दावा है कि इस वजह से कारोबार प्रभावित हो रहा है। साल भर में दिवाली-दशहरा पर अच्छे कारोबार की आस लगाए छोटे-बड़े व्यापारी-कारोबारी चिंतित नजर आ रहे हैं। हालांकि निर्वाचन आयोग और अन्य जिम्मेदारों में अब तक इस व्यावहारिक समस्या को लेकर कोई सकारात्मक पहल नजर नहीं आई है। अमूमन माना जाता है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित करने के पहले निर्वाचन आयोग इन सभी पहलुओं पर राय मशविरा करने के बाद ही कदम उठाता है लेकिन मौजूदा प्रभावी चुनाव कार्यक्रम और आचार संहिता आर्थिक हितों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती हुई दिख रही है। जानकार इसे निर्वाचन आयोग की समझ पर सवाल उठा रहे हैं।

न्यूज़ओ2डॉटकॉम से किसने क्या कहा ? 

15 से 20 प्रतिशत कारोबार में गिरावट आई है- सोनी

सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बसंत सोनी ने कहा कि कोविड के बाद यह पहली दिवाली है जिसमें बाजार को बहुत उम्मीदें लगी हुई हैं। इस बार कारोबार बहुत अच्छा चलने की उम्मीद है। आचार संहिता लगने के बाद बीते एक हफ्ते में सराफा कारोबार में 15 से 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

कारोबारियों को राहत दें- रांका

सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल रांका ने बताया व्यापारी बहुत परेशान हो रहे हैं, ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं, यहाँ के लोग भी बाहर जाते हैं, चेकिंग के कारण बहुत गड़बड़ हो रही है। हम जल्द ही कलेक्टर और आईजी को ज्ञापन दे रहे हैं, जिसमें मांग रखेंगे कि यात्रा करने वाले कारोबारियों को राहत दी जाये, उनकी आधिकारिक पहचान के लिए एसोसिएशन से भी पुष्टि की जा सकती है।

एक बड़ा तबका शहर आने से डर रहा है- सुरेका

अहिल्या चैंबर ऑफ कामर्स के महामंत्री सुशील सुरेका ने बताया कि आचार संहिता में जिस तरह से व्यापारियों की निगरानी हो रही है, उससे एक बड़ा तबका शहर आने से डर रहा है। हमने अपनी समस्या से अवगत कराते हुए इंदौर कमिश्नर, कलेक्टर को ज्ञापन दिया है। उन्होने समाधान का आश्वासन भी दिया है। लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों को अपने कनिष्ठों को निर्देश देना चाहिए कि बेवजह व्यापारियों को परेशान न करें।

व्यापारी का परिचय पत्र देख राहत दें- खंडेलवाल

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य रमेश खंडेलवाल ने बताया कि प्रशासन को ज्ञापन दिया है। उनसे कहा है कि यदि किसी भी व्यापारी के पास उसके संगठन का परिचय पत्र और उसका आधार कार्ड है, ऐसी स्थिति में उसे रोका नहीं जाये। इस संबंध में पुलिस और व्यवसायी एक संयुक्त बैठक में समाधान निकाल सकते हैं।

हमारा उत्तर देना उचित नहीं- कांग्रेस

राऊ से कांग्रेस के प्रत्याशी और वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी ने उक्त प्रश्न के जवाब में कहा कि यह कानून व्यवस्था की बात है। इसमें हमारा उत्तर देना उचित नहीं है।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित दैनिक पीपुल्स समाचार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है। 

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