2 अप्रैल से अंतिम सुनवाई

इंदौर। धार स्थित भोजशाला–कमाल मौला मस्जिद विवाद से जुड़े मामलों में शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई हुई।

न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ल और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि विवाद को बेहतर ढंग से समझने के लिए न्यायालय की बेंच स्वयं भोजशाला परिसर का निरीक्षण करेगी।

कोर्ट ने कहा कि स्थल निरीक्षण के बाद 2 अप्रैल से मामले की अंतिम सुनवाई शुरू की जाएगी।

सुनवाई के दौरान पक्षकारों की ओर से दाखिल सभी अंतरिम आवेदनों (Interim Applications) को अदालत ने रिकॉर्ड पर ले लिया और निर्णय लिया कि इन आवेदनों पर मुख्य बहस के दौरान ही सुनवाई की जाएगी।

खंडपीठ के समक्ष आज मूल प्रकरण क्रमांक 45 से 45.4 तक सूचीबद्ध याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इनमें प्रमुख रूप से:

  • WA 559/2026 – काजी जाकुल्लाह बनाम मध्य प्रदेश राज्य
  • WP 6514/2013 (PIL) – अंतर सिंह एवं अन्य बनाम भारत संघ व अन्य
  • WP 28334/2019 (PIL) – मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी, धार बनाम गृह विभाग
  • WP 10484/2022 (PIL) – कुलदीप तिवारी बनाम भारत संघ, संस्कृति मंत्रालय
  • WP 10497/2022 (PIL) – हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस बनाम भारत संघ, संस्कृति मंत्रालय

इन सभी याचिकाओं में धार स्थित भोजशाला परिसर के धार्मिक स्वरूप, प्रबंधन और पूजा-नमाज व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं।

फिलहाल प्रशासनिक व्यवस्था के तहत शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय को नमाज और अन्य दिनों में हिंदू समुदाय को पूजा की अनुमति दी जाती है। मामले में पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा सर्वे भी कराया जा चुका है।

हाईकोर्ट द्वारा स्वयं स्थल निरीक्षण करने का निर्णय इस लंबे समय से चल रहे विवाद में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

By Jitendra Singh Yadav

जितेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ पत्रकार | आरटीआई कार्यकर्ता | राजनीतिक विश्लेषक 20+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, UNI से जुड़े। Save Journalism Foundation व इंदौर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के संस्थापक। Indore Varta और NewsO2.com से जुड़े। निष्पक्ष पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित।