कई बार जबरदस्ती बलात्कार फिर शादी कर लेना संदेह उत्पन्न करता है, कोर्ट ने एफआईआर  की रद्द

इंदौर, 13 जून 2024

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में बलात्कार और आपराधिक धमकी के लिए दर्ज की गई एक एफआईआर को रद्द कर दिया है, क्योंकि अभियोक्ता का यह कथन कि उसके साथ बार-बार जबरदस्ती बलात्कार किया गया, अभियुक्त के साथ उसके विवाह के संदर्भ में विश्वास पैदा नहीं करता है। अभियोक्ता ने अभियुक्त-याचिकाकर्ता से विवाह किया, जबकि अभियुक्त ने कथित तौर पर उसके साथ कई बार बलात्कार किया था।

जस्टिस विशाल धगत की एकल पीठ ने माना कि अभियोक्ता द्वारा बार-बार कथित बलात्कार के बावजूद प्राथमिकी दर्ज न करना संदिग्ध प्रतीत होता है। न्यायालय ने कहा कि अभियुक्त और पीड़िता के बीच बाद में विवाह होने से किसी भी ‘विवेकशील व्यक्ति’ के लिए अभियोक्ता की कहानी पर विश्वास करना मुश्किल हो जाता है।


कोर्ट ने कहा, “उसके बयान से यह स्पष्ट है कि ऐसा कोई मामला नहीं है कि अभियोक्ता ने विवाह के झूठे वादे के तहत याचिकाकर्ता के सामने आत्मसमर्पण किया हो, बल्कि उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया गया हो। याचिकाकर्ता द्वारा लंबे समय तक उसके साथ बार-बार जबरदस्ती बलात्कार किए जाने के बावजूद, उसने याचिकाकर्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई, बल्कि उसने याचिकाकर्ता से विवाह भी कर लिया।“

By Jitendra Singh Yadav

जितेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ पत्रकार | आरटीआई कार्यकर्ता | राजनीतिक विश्लेषक 15+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, UNI से जुड़े। Save Journalism Foundation व इंदौर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के संस्थापक। Indore Varta और NewsO2.com से जुड़े। निष्पक्ष पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित।