इंदौर। 2023 में रामनवमी के दिन बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में हवन कर रहे श्रद्धालुओं की बावड़ी धंस जाने से 36 लोगों की दर्दनाक मौत के मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ आया है। पूर्व पार्षद महेश गर्ग और कांग्रेस नेता प्रमोद कुमार दिवेदी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने निगमायुक्त शिवम् वर्मा को अवमानना का कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

क्या है मामला?

2023 में रामनवमी के दिन हुए इस भीषण हादसे के बाद, घटना से व्यथित होकर याचिकाकर्ताओं ने अधिवक्ता मनीष यादव और अधिवक्ता प्रियेश भावसार के माध्यम से जनहित याचिका दायर की थी। इसमें दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ इंदौर शहर की पुरातात्विक महत्व की बावड़ियों को पुनर्जीवित करने और उन्हें कब्जा मुक्त करने की मांग की गई थी।

जनवरी 2024 में आया था फैसला

विस्तृत सुनवाई के बाद, जनवरी 2024 में माननीय न्यायालय ने याचिका को स्वीकार करते हुए नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए थे। इनमें बावड़ियों के पुनरुद्धार, अवैध कब्जों को हटाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के आदेश शामिल थे।

अवमानना याचिका क्यों हुई दायर

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि याचिका स्वीकार होने के एक वर्ष बाद भी नगर निगम और स्थानीय प्रशासन द्वारा न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया गया, जिससे आहत होकर उन्होंने अवमानना याचिका दायर की।
आज हुई सुनवाई में अधिवक्ता मनीष यादव और अधिवक्ता प्रियेश भावसार ने न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति गजेंद्र सिंह की युगल पीठ के समक्ष तर्क प्रस्तुत किए कि:

  • न्यायालय के आदेश के बावजूद दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
  • कई स्थानों पर बावड़ियों और कुओं पर अवैध निर्माण अभी भी जारी है, जिससे भविष्य में भी ऐसे हादसे होने की संभावना है।

निगमायुक्त से 4 सप्ताह में जवाब तलब

न्यायालय ने इन तर्कों से सहमत होकर निगमायुक्त शिवम् वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है।

पुरातात्विक धरोहरों को संरक्षित करने की मांग

याचिकाकर्ताओं और उनके अधिवक्ताओं ने न्यायालय से आग्रह किया है कि पुरातात्विक महत्व की बावड़ियों को संरक्षित और पुनर्जीवित किया जाए ताकि ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति न हो।

इंदौर वार्ता के लिए जितेंद्र सिंह यादव की रिपोर्ट

By Jitendra Singh Yadav

जितेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ पत्रकार | आरटीआई कार्यकर्ता | राजनीतिक विश्लेषक 15+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, UNI से जुड़े। Save Journalism Foundation व इंदौर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के संस्थापक। Indore Varta और NewsO2.com से जुड़े। निष्पक्ष पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित।