राजकोट: (Women privacy breach) गुजरात के राजकोट स्थित पायल मैटरनिटी होम से महिला मरीजों के निजी चेकअप वीडियो लीक होने का गंभीर मामला सामने आया है। इन वीडियो में नर्सिंग स्टाफ को महिला मरीजों को इंजेक्शन लगाते हुए दिखाया गया है, जो अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज से प्राप्त हुए हैं। ये वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर टेलीग्राम और यूट्यूब पर व्यापक रूप से साझा किए गए हैं।

कैसे हुआ वीडियो लीक?

Women privacy breach पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ये वीडियो कैसे लीक हुए और उन्हें किसने साझा किया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ये वीडियो अस्पताल के बंद कमरे में महिला मरीजों की जांच के दौरान रिकॉर्ड किए गए थे।

महिला सुरक्षा और गोपनीयता पर सवाल

इस घटना ने महिला सुरक्षा और उनकी गोपनीयता को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। यह मामला केवल गुजरात तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में इस तरह की घटनाओं की संभावना को भी दर्शाता है। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्त साइबर लॉ और निगरानी प्रणाली की आवश्यकता है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। Women privacy breach

टेलीग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर गलत इस्तेमाल

टेलीग्राम, जो कि एक लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप है, का उपयोग इस तरह की अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इस ऐप के 950 मिलियन से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं, और इसकी सुरक्षा विशेषताओं के कारण अवैध कंटेंट शेयर करने वालों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है।

कई स्थानों पर छिपे कैमरों का खतरा!

इस घटना के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि मॉल, जिम, हॉस्पिटल, ब्यूटी पार्लर, सैलून, बस स्टेशन, मैरिज हॉल और बाथरूम जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी गोपनीय वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें बेचा जा रहा है। पुलिस को संदेह है कि यह नेटवर्क गुजरात समेत देशभर में फैला हो सकता है

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

अब तक इस मामले पर गुजरात सरकार, मुख्यमंत्री या संबंधित मंत्री का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, महिला आयोग और साइबर सेल इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और दोषियों को जल्द पकड़ने की प्रक्रिया में जुटे हैं।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाने चाहिए?

  1. हॉस्पिटलों और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई जाए।
  2. सीसीटीवी कैमरों की नियमित निगरानी की जाए।
  3. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कड़े साइबर कानून लागू किए जाएं।
  4. महिलाओं को जागरूक किया जाए कि वे सार्वजनिक स्थानों पर सतर्क रहें।

गुजरात के इस मामले ने महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वे इस घटना पर त्वरित कार्रवाई करें और ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सख्त कानून और तकनीकी उपाय लागू करें

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By Jitendra Singh Yadav

जितेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ पत्रकार | आरटीआई कार्यकर्ता | राजनीतिक विश्लेषक 15+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, UNI से जुड़े। Save Journalism Foundation व इंदौर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के संस्थापक। Indore Varta और NewsO2.com से जुड़े। निष्पक्ष पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित।