भारत सरकार का बयान
भारत सरकार ने न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने ब्रिटिश तकनीकी उपकरणों को रूस की रोसोबोरोनएक्सपोर्ट (Rosoboronexport) तक पहुंचाया। यह कंपनी यूके और यूरोपीय संघ द्वारा प्रतिबंधित है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस रिपोर्ट को “तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक” बताते हुए कहा कि HAL अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों और एंड-यूज़र समझौतों का पूरी तरह पालन करता है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का कानूनी और नियामक ढांचा बहुत मजबूत है, जो रणनीतिक व्यापार को नियंत्रित करता है और भारतीय कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक गतिविधियों का मार्गदर्शन करता है।
HAL पर लगाए गए आरोप क्या हैं?
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि 2023 और 2024 के बीच, HAL ने ब्रिटिश एयरोस्पेस कंपनी HR Smith Group से प्रतिबंधित तकनीक प्राप्त की और इसी तरह के उपकरण रूस की रोसोबोरोनएक्सपोर्ट को भेजे।
- हालांकि, रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया गया कि HR Smith के उपकरणों को सीधे रूस भेजे जाने का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। यह दावा केवल शिपमेंट रिकॉर्ड और प्रोडक्ट आईडी कोड्स के आधार पर किया गया था।
भारत सरकार का जवाब
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह रिपोर्ट “एकतरफा और अपुष्ट दावों पर आधारित” है। सरकार ने यह भी बताया कि HAL और अन्य सरकारी संस्थान अंतरराष्ट्रीय निर्यात नियमों का सख्ती से पालन करते हैं।
MEA ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों से “वास्तविक तथ्यों की जांच करने” और किसी भी रिपोर्ट को प्रकाशित करने से पहले सावधानी बरतने की अपील की।
भारत सरकार का यह सख्त खंडन यह दर्शाता है कि देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह मामला दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया को रिपोर्टिंग में अधिक सटीकता और निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए।