इंदौर के शासकीय कृषि कॉलेज में बढ़ता विरोध प्रदर्शन
कृषि महाविधायलय के डीन डॉ भरत सिंह पर हैं गंभीर आरोप
इंदौर, 29 मार्च 2025 (7724038126): इंदौर के शासकीय कृषि महाविध्यालय रिसर्च सेंटर के छात्र लंबे समय से डीन डॉ भरत सिंह के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। हाल ही में रैगिंग के मामले में 13 छात्रों पर कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद विरोध और तेज हो गया। एक पूर्व छात्र और एलुमिनी राधे जाट पर भी एक और एफआईआर दर्ज हो चुकी है क्योंकि वे छात्रों के धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए थे। अब न्यूजओ 2 की पड़ताल में सामने आया है कि सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि स्टाफ और प्रोफेसर्स, faculty भी उनके व्यवहार से प्रताड़ित हैं।
डीन बनने से पहले भी विवादों में थे डॉ भरत सिंह
डॉ भरत सिंह अक्टूबर 2024 में डीन बने थे। इससे पहले वे इसी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर थे। 2022 में एक छात्रा ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिसके बाद तत्कालीन कुलपति डॉ राव ने उनका ट्रांसफर मुरैना कर दिया था। हालांकि, कुछ समय बाद वे अपना प्रभाव जमाकर फिर इंदौर वापस आ गए और कुछ समय बाद कृषि कॉलेज में डीन बना दिए गए।
उनके डीन बनने के बाद छात्रों ने जमकर विरोध किया, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। अब एक कथित रैगिंग मामले में 13 छात्रों पर सख्त कार्रवाई हुई, जिससे छात्रों में आक्रोश और बढ़ गया। आरोप है कि जिन छात्रों ने डीन का विरोध किया, उनके खिलाफ चुन चुन कर कार्रवाई की जा रही है।
डीन के खिलाफ लगातार प्रदर्शन, कैंडल मार्च की तैयारी
छात्र पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे हैं और 29 मार्च को कैंडल मार्च निकालने की योजना बना रहे हैं। इससे पहले 28 मार्च को उन्होंने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। 27 मार्च को तिलक नगर पुलिस थाने पर धरना देकर डीन के खिलाफ एफआईआर की मांग की गई थी।
महिला प्रोफेसर के खिलाफ दुर्व्यवहार के आरोप
डॉ भरत सिंह पर एक महिला सहायक प्राध्यापक को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और प्रताड़ित करने का भी आरोप है। महिला प्राध्यापक ने इसकी शिकायत इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (POSH) को की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। बाद में कुलपति को भी शिकायत भेजी गई, लेकिन दो साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नियमों के खिलाफ गठित की गई नई कमेटी
डॉ भरत सिंह ने POSH के अधीन गठित इंटरनल कंपलेंट कमेटी (ICC) कमेटी में बदलाव करते हुए वरिष्ठ प्रोफेसरों को हटाकर अपने करीबी जूनियर्स को कमेटी में शामिल कर लिया। आरोप है कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि अपने खिलाफ लंबित मामलों को दबा सकें।
मोर्फ की गई तस्वीर का विवाद – डीन ने जवाब नहीं दिया
जनवरी 2025 में एक छात्र ने महिला प्रोफेसर की कक्षा में फोटो खींची। फरवरी में डीन ने महिला प्रोफेसर को वही तस्वीर दिखाई, जिसमें अश्लील टिप्पणी जोड़ी गई थी। जब महिला प्रोफेसर ने पूछा कि यह फोटो उनके पास कैसे पहुंची, तो डीन ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद मामला डिसिप्लिनरी कमेटी और इंटरनल कंपलेंट कमेटी में गया यहाँ पीड़ित प्रोफेसर के बयान लेने के बजाय एकपक्षीय मनमाना निर्णय दिया गया जो जांच के घेरे में आए छात्रों के हित में नहीं था। सीनियर प्रोफेसर ने बताया कि यह जांच उनके जूनियर्स ने की जबकि नियम मुताबिक जूनियर्स, सीनियर्स की जांच नहीं कर सकते।
सूत्र बताते हैं इस मामले में इस मामले में पांच छात्रों पर कठोर कार्रवाई की गई। तीन छात्रों का ट्रांसफर कर दिया गया और दो छात्रों का सेमेस्टर वाशआउट कर दिया गया। जबकि छात्रों की इतनी गलती नहीं थी ।
कई आरोप, लेकिन कोई समाधान नहीं
- 2022 – ड्राय लैंड प्रोजेक्ट की एक छात्रा के साथ यौन शोषण के आरोप लगे, जिसके बाद डॉ भरत सिंह का ट्रांसफर मुरैना कर दिया गया। दबाव प्रभाव से वापस इंदौर आए।
- 2023 – महिला सहायक प्राध्यापक के साथ दुर्व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न का आरोप, जांच लंबित।
- 2024 – अक्टूबर 2024 में डीन नियुक्त किए गए।
- 2025 – महिला प्रोफेसर की मोर्फ की गई फोटो का विवाद, 5 छात्रों पर कठोर कार्रवाई।
छात्र और फेकल्टी अब डीन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन- प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस मामले में कुलपति डॉ अरविंद शुक्ला का जवाब प्राप्त होने पर प्रकाशित किया जा सकेगा।
उधर डीन डॉ भरत सिंह ने उन पर लगे सभी आरोपों से इंकार किया है।