कृषि कॉलेज के छात्रों ने थाने पर दिया धरना, डीन के खिलाफ एफआईआर पर अड़े

इंदौर, 27 मार्च 2025 : इंदौर के कृषि महाविध्यालय के छात्रों का आंदोलन आज 7वें दिन भी जारी है। लेकिन आज कॉलेज से  कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च के बजाय छात्रों का समूह तिलक नगर पुलिस थाने पहुँच गया। यहाँ छात्र कॉलेज के डीन भरत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। आज छात्र कलेक्टोरेट पैदल मार्च करते हुए जा रहे थे लेकिन सुबह खबर आई कि छात्र नेता राधे जाट पर आंदोलन में शामिल होने पर एफआईआर दर्ज हो गई। कलेक्टोरेट के बजाय छात्र तिलक नगर थाने पहुँच गए। यहाँ छात्र डीन डॉ भरत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने पर अड़े रहे।

छात्रों ने आरोप लगाए कि डीन का व्यवहार छात्राओं और महिला कर्मचारियों के साथ अमर्यादित है। वे कॉलेज में डर का माहौल बनाकर रखते हैं। छात्रों को धमकाते हैं। पद का दुरुपयोग करते हैं और अपनी पहचान ऊपर तक बताकर पक्षपात पूर्ण कार्यवाही करते हैं। साथ ही अंश धार्वे नामक छात्र ने डीन डॉ भरत सिंह पर उसके लिए अनुसूचित जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं और एफआईआर की मांग करते हुए आवेदन पुलिस को सौंपा है।

डीन पर महिला प्रोफेसर के उत्पीड़न के आरोप

आंदोलन कर रहे छात्रों के डीन डॉ भरत सिंह पर कई गंभीर आरोप हैं। छात्रों ने बताया 2022 में ड्राई लैंड प्रोजेक्ट की एक छात्रा ने उनके खिलाफ यौन शोषण की शिकायत की थी। जिसके बाद तत्कालीन कुलपति ने उनका मुरैना कृषि विज्ञान केंद्र ट्रांसफर कर दिया गया था। लेकिन ये दबाव प्रभाव का इस्तेमाल कर वापस इंदौर आ गए, इस बार प्रोफेसर बनकर आए। इनके खिलाफ 2024 में कॉलेज की ही एक महिला सहायक प्राध्यापक ने दुर्व्यवहार, असंवैधानिक शब्दों का प्रयोग कर सार्वजनिक रूप से अपमानित करना और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। महिला प्राध्यापक द्वारा यह शिकायत 17 मई 2024 को तत्कालीन डीन को की गई है। और जब सुनवाई नहीं हुई तो 31 जुलाई 2024 को कुलपति को भी शिकायत भेजी गई है। तब भरत सिंह इसी कृषि कॉलेज में डेयरी प्रक्षेत्र प्रभारी थे।

डॉ भरत सिंह का छात्रों ने डीन बनने पर किया था विरोध

छात्रों ने बताया कि जब अक्टूबर 2024 में डीन बने तो छात्रों ने इनका विरोध किया था, जिसकी वजह से ये अब हम सबको चुन चुन कर बदला ले रहे हैं।

छात्रों पर रैगिंग का आरोप

वहीं डीन डॉ भरत सिंह ने सभी आरोपों से इंकार किया है और दावा किया कि आंदोलन कर रहे छात्रों में कुछ छात्रों के खिलाफ रैगिंग की शिकायत हुई है। इसी से आक्रोशित होकर मामले को दबाने वे धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

पूर्व छात्र नेता जब जब आंदोलन करते हैं हो जाती है एफआईआर

 आपको बता दें कि छात्र नेता और कॉलेज के पूर्व छात्र पर तिलक नगर पुलिस थाने पर कल देर रात एक एफआईआर दर्ज हुई है। राधे जाट पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप है। उन्हें खिलाफ बीएनएस की धारा 126 (2) और 132 में कायमी की गई है। जाट कल कॉलेज के छात्र आंदोलन में शामिल हुए थे। जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने राधे जाट पर शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं और एफआईआर दर्ज करवाई है।

फिलहाल पुलिस ने छात्रों के आवेदन ले लिए हैं और जांच का आश्वासन दिया है।    

सीएम से मिले थे राधे जाट

कृषि कॉलेज के पूर्व छात्र राधे जाट जब जब छात्रों के आंदोलन में शामिल होते हैं, उन पर एफआईआर हो जाती है। इसके पहले एमपीपीएससी आंदोलन में शामिल हुए थे, सीएम मोहन यादव से भी मिले थे। सीएम से आश्वासन  मिलने के पश्चात आंदोलन समाप्त हो गया था और फलस्वरूप राधे जाट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया था। यहाँ तक कि पुलिस उन्हें आदतन अपराधी बताने लगी है, उनका दोष यही है कि वे छात्रों की मांगों का नेतृत्व करते हैं। छात्रों की बात शासन- प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित दैनिक पीपुल्स समाचार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है। 

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