इंदौर: लोकायुक्त महानिदेशक जयदीप प्रसाद के निर्देश पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए इंदौर लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस थाना बडगोंदा के कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक (ASI) गोविंद सिंह गिरवार (51 वर्ष) को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता अनिल बारिया, निवासी ग्राम बसीपीपरी, तहसील महू ने लोकायुक्त से शिकायत की थी कि 21 जनवरी 2025 को पारिवारिक विवाद के चलते उनकी पत्नी ने थाना बडगोंदा में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर अनिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच ASI गोविंद सिंह गिरवार कर रहे थे। आरोप है कि गोविंद सिंह गिरवार ने एफआईआर को कमजोर करने के लिए ₹20,000 रिश्वत की मांग की थी। अनिल बारिया ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप टीम का गठन किया गया।

कैसे हुआ ट्रैप ऑपरेशन?

लोकायुक्त की टीम ने गवली पलासिया स्थित शराब दुकान के सामने जाल बिछाया। जैसे ही गोविंद सिंह गिरवार ने ₹10,000 की रिश्वत ली, उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।

ट्रैप टीम में शामिल अधिकारी

  • निरीक्षक: राहुल गजभिये
  • कार्यवाहक निरीक्षक: श्रीमती रेनू अग्रवाल
  • कार्यवाहक प्रधान आरक्षक: आशीष गुर्जर
  • आरक्षक: विजय कुमार, अनिल परमार, आशीष आर्य, पवन पटोरिया, कमलेश तिवारी
  • चालक: शेरसिंह

भ्रष्टाचार में मचा हड़कंप

लोकायुक्त की इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त महानिदेशक जयदीप प्रसाद द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश के बाद यह एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।


By Jitendra Singh Yadav

जितेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ पत्रकार | आरटीआई कार्यकर्ता | राजनीतिक विश्लेषक 15+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, UNI से जुड़े। Save Journalism Foundation व इंदौर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के संस्थापक। Indore Varta और NewsO2.com से जुड़े। निष्पक्ष पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित।