इंदौर, 05 अगस्त 2024

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इंदौर नगर निगम में फर्जी बिलों के माध्यम से करोड़ों रुपये के कथित घोटाला उजागर होने के बाद आज प्रवर्तन निदेशालय Enforcement Directorate ने छापामार कार्यवाही की है। पांच कंपनियों के ठेकेदारों ने फर्जी बिल लगाकर 125 करोड़ धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की है।

ED ने सोमवार सुबह घोटाले के मास्टर माइंड अभय राठौर, संयुक्त संचालक (ऑडिट) अनिल कुमार गर्ग के ठिकानों सहित 12 जगह छापे मारे हैं। राठौर फिलहाल जेल में हैं। यह कार्रवाई इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र स्थित मदीना नगर में की गई, जहां ग्रीन कंस्ट्रक्शन, किंग कंस्ट्रक्शन और नीव कंस्ट्रक्शन के मालिक मोहम्मद साजिद, मोहम्मद जाकिर, और मोहम्मद सिद्दीकी के घरों पर छापे मारे गए।

30 करोड़ रु. का भुगतान निगम के खाते से, 9 आरोपी हो चुके हैं अब तक गिरफ्तार

डीसीपी, जोन-3 पंकज पांडे के अनुसार अब तक 58 फाइलों की जांच में 60 करोड़ का घपला निगम अधिकारियों-ठेकेदारों ने किया है। इनमें से 30 करोड़ निगम के खाते से भुगतान हो चुके हैं। अभी कई फाइलों की जांच चल रही है। राठौर का रिमांड लेने के बाद और खुलासे होने की उम्मीद है। इस मामले में पुलिस अब तक राठौर सहित नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से ठेकेदार मो. साजिद, रेणु वडेरा, सब इंजीनियर उदय सिसौदिया, कम्प्यूटर ऑपरेटर चेतन भदौरिया और कर्मचारी मुरलीधर जेल जा चुके हैं।

By Jitendra Singh Yadav

जितेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ पत्रकार | आरटीआई कार्यकर्ता | राजनीतिक विश्लेषक 15+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, UNI से जुड़े। Save Journalism Foundation व इंदौर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के संस्थापक। Indore Varta और NewsO2.com से जुड़े। निष्पक्ष पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित।