इंदौर, 26 मार्च 2025 – इंदौर की अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने पत्नी के चरित्र पर संदेह करते हुए उसकी हत्या कर दी थी।
अदालत का फैसला:
चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार सिंह की अदालत ने थाना द्वारिकापुरी के अपराध क्रमांक 432/2019 में आरोपी बलीराम पिता रामलाल चौहान (43 वर्ष), निवासी- जे-50, दिग्विजय मल्टी, अहीरखेड़ी, इंदौर को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और धारा 201 के तहत 03 वर्ष की सजा के साथ ₹7000 का अर्थदंड लगाया।
जघन्य अपराध की गहन जांच:
इंदौर जिला अभियोजन कार्यालय ने इस केस को “जघन्य एवं चिह्नित अपराध” की सूची में रखते हुए हर पहलू को बारीकी से प्रस्तुत किया।
अभियोजन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव और विशेष लोक अभियोजक करुणा आशापुरे ने पैरवी की। अदालत में 16 गवाहों की गवाही के बाद आरोपी को दोषी ठहराया गया।
हत्या की पूरी कहानी:
दिनांक 20 अगस्त 2019 को सुमित लोगरे ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी माँ अनिता घर के बाहर मृत अवस्था में पड़ी हैं। जांच में सामने आया कि अनिता का पति बलीराम आए दिन पैसों और चरित्र को लेकर विवाद करता था।
घटना की रात भी इसी बात पर झगड़ा हुआ और बलीराम ने पत्नी की हत्या कर शव को घर के बाहर फेंक दिया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर थाना द्वारिकापुरी में धारा 302, 201 के तहत केस दर्ज किया गया।
अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकारते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
सोर्स – जिला मीडिया सेल प्रभारी (अभियोजन), इंदौर