भोपाल, 20 मार्च 2025: मध्यप्रदेश शासन के विधि और विधायी कार्य विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से महाधिवक्ता कार्यालय को किए गए करोड़ों के भुगतान को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी है। यह कदम एक मीडिया रिपोर्ट्स सामने आने के बाद उठाया गया, एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि महाधिवक्ता म.प्र. प्रशांत सिंह को नर्सिंग काउंसिल और मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओर से पैरवी के लिए 2.56 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

सरकार के आदेश का उल्लंघन?

मध्यप्रदेश सरकार पहले ही स्पष्ट निर्देश दे चुकी है कि विधि पदाधिकारियों को किसी भी विभाग द्वारा पृथक से देयकों का भुगतान न किया जाए। इसके लिए 12 जनवरी 2022 और 12 सितंबर 2024 को आदेश जारी किए गए थे।

स्वास्थ्य विभाग से मांगी विस्तृत जानकारी

विधि विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग से 2023-24 और 2024-25 के दौरान किए गए सभी भुगतानों का ब्योरा तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है। इसके तहत जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर और नई दिल्ली में पदस्थ अतिरिक्त महाधिवक्ता, उप महाधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता और उप शासकीय अधिवक्ताओं को किए गए सभी भुगतानों और लंबित देयकों की भी रिपोर्ट मांगी गई है।

ई-मेल से रिपोर्ट देने के निर्देश

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले से संबंधित समस्त विस्तृत जानकारी ई-मेल के माध्यम से तत्काल विधि और विधायी कार्य विभाग को भेजी जाए।

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By Jitendra Singh Yadav

जितेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ पत्रकार | आरटीआई कार्यकर्ता | राजनीतिक विश्लेषक 15+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, UNI से जुड़े। Save Journalism Foundation व इंदौर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के संस्थापक। Indore Varta और NewsO2.com से जुड़े। निष्पक्ष पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित।

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