स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल से सफल लैंडिंग
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और उनके साथी बुच विल्मोर (Butch Wilmore) ने नौ महीने के लंबे मिशन के बाद सफलतापूर्वक पृथ्वी पर वापसी कर ली है। दोनों अंतरिक्ष यात्री स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के जरिए फ्लोरिडा के तट पर सुरक्षित लैंड कर चुके हैं। इस दौरान समुद्र में डॉल्फिन्स का झुंड कैप्सूल के आसपास तैरता दिखा, जिसने लैंडिंग को और भी यादगार बना दिया।
8 दिन का मिशन 9 महीने लंबा क्यों हुआ?
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 5 जून 2024 को बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हुए थे। हालांकि, यह मिशन केवल 8 दिन का था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण स्टारलाइनर में वापसी संभव नहीं हो पाई। इस वजह से दोनों को ISS पर पूरे नौ महीने रुकना पड़ा। आखिरकार, नासा और स्पेसएक्स के संयुक्त अभियान के तहत स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल से उनकी वापसी कराई गई।
परिवार और वैज्ञानिक समुदाय में खुशी की लहर
सुनीता विलियम्स की सफल वापसी से उनके परिवार और वैज्ञानिक समुदाय में जश्न का माहौल है। उनके गुजरात स्थित परिजनों ने बताया कि उन्होंने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए विशेष पूजा और यज्ञ किए थे। इस सफलता को नासा और स्पेसएक्स की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
स्वास्थ्य परीक्षण और पुनर्वास प्रक्रिया जारी
वर्तमान में सुनीता विलियम्स और उनके साथी स्वास्थ्य परीक्षण और पुनर्वास प्रक्रिया से गुजर रहे हैं, ताकि वे पृथ्वी के वातावरण के अनुकूल हो सकें। विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक माइक्रोग्रैविटी में रहने के बाद शरीर को सामान्य स्थिति में आने में कुछ हफ्ते लग सकते हैं।
सुनीता विलियम्स का प्रेरणादायक सफर
सुनीता विलियम्स भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री हैं, जिन्होंने अब तक दो अंतरिक्ष यात्राएं पूरी की हैं। उन्होंने स्पेसवॉक (अंतरिक्ष में चहलकदमी) का भी रिकॉर्ड बनाया है। उनकी यह यात्रा नवोदित वैज्ञानिकों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।