संभागायुक्त और महापौर को गौरैया संरक्षण के लिए भेंट किए विशेष बक्से
इंदौर, 20 मार्च 2025 –
आज विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर नेचर वॉलंटियर्स संगठन ने गौरैया संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की।
संगठन के पदाधिकारियों ने इंदौर के संभागायुक्त दीपक सिंह और महापौर पुष्यमित्र भार्गव को गौरैया के लिए विशेष बक्से भेंट किए। यह कदम गौरैया की dwindling (घटती) आबादी को बचाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है।
गौरैया संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
नेचर वॉलंटियर्स, जो पिछले 32 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत है, इस वर्ष शहरभर में गौरैया के लिए सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर नेस्टिंग बॉक्स लगा रहा है। इस पहल के तहत, पक्षियों के अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
संभागायुक्त सिंह ने इस मौके पर कहा,
“गौरैया हमारे बचपन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है। बढ़ते शहरीकरण और आधुनिक जीवनशैली के कारण इनकी संख्या में गिरावट आई है। हमें इनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।”
महापौर भार्गव ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नगर निगम इस दिशा में हरसंभव सहयोग देगा ताकि गौरैया के लिए सुरक्षित वातावरण बनाया जा सके।
कबूतरों को न खिलाने की अपील
नेचर वॉलंटियर्स ने गौरैया संरक्षण के साथ-साथ कबूतरों को न खिलाने के लिए भी अभियान शुरू किया है।
संगठन ने बताया कि कबूतरों की अधिक संख्या पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित कर सकती है और वे हिस्टोप्लास्मोसिस, क्रिप्टोकॉकोसिस और साइटाकोसिस जैसी बीमारियों के वाहक हो सकते हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
जनभागीदारी से होगा बदलाव
नेचर वॉलंटियर्स के अध्यक्ष बालू मोंडे, उपाध्यक्ष साजिद लोदी और बेंद्रे ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ बक्से लगाना ही नहीं, बल्कि गौरैया संरक्षण के लिए सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।
उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और बालकनी में गौरैया के लिए पानी और दाना रखें और इनके लिए सुरक्षित आश्रय तैयार करने में सहयोग करें।
गौरैया बचाने के लिए करें यह उपाय
- अपने घर, बालकनी और बगीचों में गौरैया के लिए नेस्टिंग बॉक्स लगाएं।
- गर्मियों में पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करें।
- कीटनाशकों का उपयोग कम करें, जिससे उनके भोजन के प्राकृतिक स्रोत बचे रहें।
- कबूतरों को दाना डालने से बचें, ताकि गौरैया को अनुकूल वातावरण मिल सके।
नेचर वॉलंटियर्स ने इंदौर के नागरिकों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है, ताकि गौरैया की घटती आबादी को बचाया जा सके और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखा जा सके।