कांग्रेस के आरोपों पर भड़की सीतारमण
गंगाजल पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूला जा रहा है – कांग्रेस
गंगाजल और पूजन सामग्री जीएसटी के दायरे से बाहर- सीतारमण
इंदौर
गंगाजल क्रय- विक्रय पर जीएसटी वसूल किए जाने के कांग्रेस के दावों पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज भड़क गईं। दरअसल सीतारमण से सवाल किया गया था कि गंगाजल पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूला जाना क्या उचित है ? जिस पर उन्होने कहा कि वित्त मंत्री स्व अरुण जेटली ने जीएसटी लागू करने के साथ ही तमाम पूजन सामग्री को जीएसटी से बाहर रखा था। कांग्रेस बेबुनियाद आरोप लगा रही है। आपको बता दें कि बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ, कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत, मल्लिकार्जुन खड़के भी भाजपा नीत केंद्र सरकार पर गंगाजल पर जीएसटी वसूले जाने के आरोप लगाते रहे हैं। कांग्रेस ने बीते माह यह भी दावा किया था कि हमारे विरोध के बाद केंद्र सरकार ने गंगाजल से जीएसटी हटा लिया है।
गंगाजल पर छाया महंगाई का असर
उधर मामले की पड़ताल करने पर न्यूजओ2 ने पाया कि आम नागरिकों तक गंगाजल पहुंचाने वाला भारतीय डाक सेवा ( post office) इससे पहले गंगा जल पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूल करता रहा है। हमने इस संबंध में इंदौर डाक विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी से जानना चाहा तो उन्होने तो अब भी गंगाजल पर जीएसटी वसूले जाने का दावा किया है। इधर भारतीय डाक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर गंगाजल के मूल्य के साथ जीएसटी पृथक से लिए जाने का जिक्र नहीं है। वेबसाइट पर स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि no gst on gangajal लेकिन तथ्य है कि महज 250 एमएल बोतल का दाम 100 रु से अधिक खुदरा मूल्य है। भारतीय डाक सेवा सहित कुछ गंगाजल खरीदने वाले उपभोक्ताओं ने बताया कि महज एक-दो माह पहले तक 250 एमएल गंगाजल की बोतल का खुदरा मूल्य जीएसटी समेत अधिकतम 35 रु वसूला जा रहा था। ऐसे में अब सवाल उठता है कि जीएसटी हटाये जाने के बावजूद गंगाजल का दाम तीन गुना कैसे बढ़ गया है ?