इंदौर संभाग: पर्यटन विकास की नई राह पर अग्रसर

इंदौर, 29 मई 2025:
इंदौर संभाग में ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक सुंदरता की भरपूर संपदा है, जो न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों को भी आकर्षित करती रही है। अब इस पर्यटन क्षमता को व्यवस्थित रूप से विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

संभागायुक्त दीपक सिंह ने संभाग के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता, सुरक्षा, सुंदरता और मनोरंजन की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि पर्यटकों को एक सुखद अनुभव मिल सके।

श्री सिंह ने पर्यटन विभाग को मांडव, महेश्वर, ओंकारेश्वर, धार, बुरहानपुर, इंदौर, आलीराजपुर, खंडवा, खरगोन और झाबुआ जैसे स्थलों के संरक्षण एवं विकास की दिशा में तेज़ी से कार्य करने को कहा है।

विशेष रूप से मांडव स्थित जहाज महल परिसर में तीनों तालाबों में नौकायन शुरू करने की योजना है, जिससे वहां जल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही लेज़र शो, वॉटर स्पोर्ट्स और फोनटेन शो जैसी गतिविधियाँ शुरू करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मोरटक्का के पास स्थित खाली भूमि पर पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही, संभाग की पारंपरिक बाग प्रिंट कला को भी पर्यटन से जोड़कर नई पहचान देने की योजना बनाई गई है।

बड़े प्रोजेक्ट्स की झलक:

राजवाड़ा दरबार हॉल: 19.97 करोड़ रुपये की लागत से संरक्षण एवं विकास कार्य, जून 2027 तक पूरा होगा।

लालबाग पैलेस: 47.59 करोड़ रुपये से उन्नयन कार्य शुरू, बाउंड्री वॉल भी विकसित होगी, मई 2027 तक पूर्णता का लक्ष्य।

काकड़पुरा (डॉ. अंबेडकर नगर): 6.85 करोड़ रुपये से विविध विकास कार्य प्रस्तावित।

अहिल्या लोक (महेश्वर): देवी अहिल्या बाई की स्मृति में 110 करोड़ रुपये की लागत से भव्य निर्माण कार्य होगा। DPR तैयार।

बुड़ी मांडव जैसे अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध लेकिन ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों पर भी विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जिससे पूरे संभाग का पर्यटन परिदृश्य और भी समृद्ध हो सकेगा।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।