इंदौर। ज्येष्ठ अमावस्या एवं श्री शनि देव जन्मोत्सव के पावन अवसर पर इंदौर के प्राचीनतम श्री शनि मंदिर में इस वर्ष श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। विशेष संयोगवश इस बार ज्येष्ठ अमावस्या शनिवार को पड़ रही है, जिसे शनि साधना, उपासना एवं शनि कृपा प्राप्ति के लिए अत्यंत दुर्लभ और फलदायी माना जा रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस शुभ अवसर पर शनि पीड़ित जातकों को स्वयंभू श्री शनि देव के दर्शन मात्र से विशेष पुण्यफल, कष्टों से मुक्ति तथा ग्रह दोषों से शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
पावन अवसर पर प्रातः 6 बजे रुद्रपाठ के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत होगी, जिसके उपरांत श्री शनि शांति हवन एवं विशेष अभिषेक संपन्न कराया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालु बाबा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
मंदिर परिसर सहित लगभग 300 मीटर लंबी शनि गली को आकर्षक विद्युत सज्जा, पुष्प अलंकरण एवं धार्मिक सजावट से दुल्हन की तरह सजाया गया है। विशेष रूप से किया गया श्री शनैश्चर महाराज का दिव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति द्वारा सुगम दर्शन व्यवस्था हेतु तीन विशेष निकासी द्वार बनाए गए हैं। मंदिर पहुंचने वाले सभी भक्तों को निशुल्क श्री शनि लक्ष्मी प्राप्ति यंत्र एवं रक्षा बंधन वितरित किया जाएगा।
रात्रि 12 बजे महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण किया जाएगा। मंदिर समिति ने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर श्री शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।
