अमीकस क्यूरी की टिप्पणियों के लिए 9 मार्च से सप्ताह में सुनवाई
इंदौर, 18 फरवरी 2026।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने शहर में बड़ी संख्या में बिना वैध अनुमति संचालित हो रहे उद्योगों से जुड़े स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) जनहित याचिका मामले में राज्य सरकार द्वारा जवाब दाखिल किए जाने के बाद अब मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। कोर्ट ने अमीकस क्यूरी को जवाब की प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा है कि मामले को 9 मार्च 2026 से प्रारंभ होने वाले सप्ताह में सुना जाएगा, ताकि वे अपनी टिप्पणियां प्रस्तुत कर सकें।
यह आदेश न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला एवं न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने पारित किया।
मामला क्या है
8 दिसंबर 2025 को स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के आधार पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की थी, जिसमें बताया गया था कि इंदौर में 5961 उद्योग बिना वैध प्रदूषण अनुमति के संचालित हो रहे हैं।
मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट (2024-25) के आधार पर कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग, उद्योग विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया था।
बोर्ड ने क्या बताया
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि
- अधिकांश इकाइयां अस्पताल/क्लीनिक तथा खदान-क्रशर श्रेणी की हैं
- कई इकाइयों की पर्यावरण स्वीकृति या खनन लीज समाप्त हो चुकी थी
- डेटा को XGN पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है
इसके बाद बोर्ड ने कार्रवाई का विवरण देते हुए बताया —
- 4256 नोटिस जारी
- 2556 क्लोजर नोटिस (Water Act 1974 और Air Act 1981 के तहत)
- 390 इकाइयों के खिलाफ बंदी आदेश
- 45 न्यायालयीन प्रकरण दर्ज
बोर्ड के अनुसार अब अमान्य अनुमति वाली इकाइयों की संख्या 5961 से घटकर 4877 रह गई है और सत्यापन प्रक्रिया जारी है।
कोर्ट की पूर्व टिप्पणी
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि मामला गंभीर है और कई विभागों की समन्वित कार्रवाई आवश्यक है। मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए थे कि अगली तिथि तक प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें, अन्यथा वरिष्ठ अधिकारी की व्यक्तिगत उपस्थिति के आदेश दिए जा सकते हैं।
आज की कार्यवाही
आज राज्य सरकार ने जवाब दाखिल किया। कोर्ट ने आदेश दिया —
- जवाब की प्रति अमीकस क्यूरी को दी जाए
- वे अपनी टिप्पणियां तैयार करें
- मामला 9 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में पुनः सुना जाएगा
इस प्रकार इंदौर में प्रदूषण मानकों के उल्लंघन और बिना अनुमति संचालित उद्योगों का मामला अब विस्तृत सुनवाई की ओर बढ़ गया है, जहां कोर्ट आगे कठोर निर्देश जारी कर सकता है।
