घरेलू-कमर्शियल सिलेंडर संकट पर दिया ज्ञापन

इंदौर। घरेलू गैस सिलेंडर की कमी और कमर्शियल गैस सिलेंडर बंद होने से उत्पन्न संकट को लेकर इंदौर शहर कांग्रेस ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि गैस की कमी और नई व्यवस्था के कारण आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव और ब्लॉक अध्यक्ष शैलू सेन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर शिवम वर्मा के नाम एडीएम दीपक चौहान को ज्ञापन दिया।

ज्ञापन में कहा गया कि शहर में घरेलू गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, जिससे आम नागरिक परेशान हैं। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर बंद होने के बाद घरेलू सिलेंडर की मांग बढ़ गई है और गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं।

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि कई उपभोक्ताओं के पास स्मार्टफोन नहीं होने के कारण वे ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। वहीं मोबाइल ऐप के जरिए बुकिंग में भी तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। सिलेंडर की डिलीवरी के लिए ओटीपी या डीएसी नंबर अनिवार्य किए जाने से भी उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर बंद होने से छोटे दुकानदार, चाय-नाश्ते के ठेले और सड़क किनारे कारोबार करने वाले लोग गंभीर संकट में हैं। कई छोटे व्यापारी मजबूरी में घरेलू सिलेंडर से काम चला रहे हैं या फिर दुकानों को बंद करने की स्थिति में आ गए हैं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम नागरिक और छोटे व्यापारी दोनों प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही घरेलू सिलेंडर की कालाबाजारी भी बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के साथ ही ओटीपी व्यवस्था में ढील दी जाए और छोटे व्यापारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी भी की।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव जौहर मानपुरवाला, पूर्व पार्षद रायमुनि भगत, राधे बोरासी, राहुल सिंह धाकरे, गिरीश जोशी, दानिश खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जौहर मानपुरवाला ने किया, जबकि आभार पी.के. उपाध्याय ने व्यक्त किया।