इंदौर, 17 मार्च। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर संगठन का विस्तार मालवा प्रांत में व्यापक स्तर पर हुआ है। संघ का दावा है कि प्रांत के सभी गांवों और मोहल्लों के साथ लगभग 90 प्रतिशत घरों तक संगठन की पहुंच बनाई गई है। यह जानकारी मंगलवार को इंदौर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रांत संघचालक ने दी।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की वार्षिक बैठक 13 से 15 मार्च के बीच हरियाणा के पानीपत के निकट समालखा में संपन्न हुई, जिसमें देशभर से 1438 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में संघ कार्य के विस्तार, संगठन की मजबूती और शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
संघ के अनुसार वर्तमान में देश के 924 जिलों के 6602 खंडों में से 6127 खंडों में शाखाएं संचालित हो रही हैं। देशभर में कुल 55,683 स्थानों पर 88,949 शाखाएं चल रही हैं, जिनमें विद्यार्थी और महाविद्यालयीन शाखाएं भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 32,606 साप्ताहिक मिलन और 13,211 संघ मंडलियां भी संचालित की जा रही हैं।
मालवा प्रांत के संदर्भ में बताया गया कि यहां कुल 3292 स्थानों पर 5049 शाखाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें 527 विद्यार्थी और महाविद्यालयीन शाखाएं शामिल हैं। बीते वर्ष के दौरान प्रांत में 150 नई विद्यार्थी शाखाओं की वृद्धि हुई है। इसके अलावा 1961 साप्ताहिक मिलन संचालित हो रहे हैं, जबकि 672 सेवा कार्य और 299 शाखा युक्त सेवाबस्तियां भी सक्रिय हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में बताया गया कि देशभर में इस वर्ष 919 प्राथमिक वर्गों में 40,392 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। वहीं 105 संघ शिक्षावर्ग और कार्यकर्ता विकास वर्गों में 21,526 कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। मालवा प्रांत में 25 प्राथमिक वर्गों में 1712 स्वयंसेवक शामिल हुए, जबकि 331 स्थानों से 551 कार्यकर्ताओं ने संघ शिक्षा वर्गों में भाग लिया।
शताब्दी वर्ष के अंतर्गत चलाए गए गृह संपर्क अभियान के तहत संघ कार्यकर्ताओं ने देशभर में 3.89 लाख ग्रामों और 31 हजार से अधिक बस्तियों में 10 करोड़ से अधिक घरों तक संपर्क किया। मालवा प्रांत में 1359 मंडलों और 969 बस्तियों में लगभग 82 हजार कार्यकर्ताओं की टोलियों ने 32 लाख परिवारों से संपर्क किया। इस अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में भारत माता के चित्र और पत्रक तथा शहरी क्षेत्रों में संघ की सौ वर्ष की यात्रा से संबंधित साहित्य वितरित किया गया।
हिंदू समाज की सांस्कृतिक एकता और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से देशभर में 37,048 स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए, जिनमें साढ़े तीन करोड़ से अधिक लोग शामिल हुए। मालवा प्रांत में 1355 मंडलों और 940 बस्तियों में आयोजित सम्मेलनों में 70 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी रही।
संघ के अनुसार सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए मालवा प्रांत में 181 सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन किया गया, जिनमें 10,840 समाज प्रमुख शामिल हुए। इसके अतिरिक्त युवा कार्यक्रमों के तहत 311 परिसर व्याख्यान और 179 युवा संगम आयोजित किए गए, जिनमें करीब 1.88 लाख युवाओं ने भाग लिया।
संघ ने बताया कि संगठन की भौगोलिक संरचना में भी परिवर्तन किया जा रहा है। मार्च 2027 से वर्तमान प्रांत व्यवस्था के स्थान पर नई संभाग व्यवस्था लागू होगी। इसके तहत वर्तमान मालवा प्रांत को दो संभाग—उज्जैन और इंदौर—में विभाजित किया जाएगा। वहीं अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का अधिवेशन अब हर तीन वर्ष में एक बार आयोजित किया जाएगा।
संघ के अनुसार इस वर्ष अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक अक्टूबर-नवंबर में इंदौर में आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर से लगभग 450 कार्यकर्ता भाग लेंगे।
