नहीं मानने पर प्रिंसिपल सेक्रेटरी की व्यक्तिगत पेशी
इंदौर, 17 मार्च। इंदौर मेट्रो परियोजना से जुड़ी जनहित याचिका में मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश के पालन के लिए अंतिम 15 दिन का समय दिया है।
मामला Kishore Deepak Kodwani द्वारा दायर याचिका से संबंधित है, जिसमें इंदौर मेट्रो के भूमिगत कॉरिडोर पर आपत्ति उठाई गई है।
कोर्ट ने क्या कहा
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि:
- 18 दिसंबर 2025 को कोर्ट ने शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव को याचिकाकर्ता के प्रतिवेदन पर कानून अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया था।
- राज्य सरकार को उस निर्णय की जानकारी कोर्ट में पेश करनी थी।
सरकार ने फिर मांगा समय
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील ने बताया कि आदेश के पालन के लिए और समय चाहिए तथा 15 दिन का अंतिम अवसर देने का अनुरोध किया।
याचिकाकर्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सरकार मामले को अनावश्यक रूप से लंबित कर रही है।
अगली सुनवाई
कोर्ट ने मामले को 7 अप्रैल 2026 को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
सख्त चेतावनी
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि 18 दिसंबर 2025 के आदेश का पालन नहीं किया गया, तो शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल के प्रमुख सचिव को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया जा सकता है।
इंदौर मेट्रो PIL: हाईकोर्ट ने सरकार को 15 दिन की अंतिम मोहलत दी।
18 दिसंबर के आदेश का पालन नहीं हुआ तो प्रमुख सचिव की व्यक्तिगत पेशी हो सकती है।
अगली सुनवाई 7 अप्रैल को।
