इंदौर, 17 मार्च । मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने शहर में डिवाइडर और फुटपाथ पर लगे अवैध होर्डिंग्स को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने इंदौर नगर निगम को निर्देश दिए कि नियमों के विरुद्ध लगाए गए होर्डिंग्स की पहचान कर उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।

सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष बताया गया कि शहर में बड़ी संख्या में ऐसे होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जो मध्यप्रदेश आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम, 2017 के प्रावधानों के विपरीत हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निजी पक्षों को विज्ञापन अधिकार देने और शहर में यूनिपोल अथवा होर्डिंग्स लगाने की अनुमति नियमों के विपरीत दी गई।

यह जनहित याचिका याचिकाकर्ता सुदेश गुप्ता की ओर से दायर की गई है, जिसमें उनकी ओर से अधिवक्ता अभिनव पी. धनोतकर ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता धनोतकर ने न्यायालय को बताया कि नियमों के अनुसार डिवाइडर और फुटपाथ पर किसी भी प्रकार के होर्डिंग्स की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद शहर के कई स्थानों पर ऐसे होर्डिंग्स लगाए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि इन अवैध होर्डिंग्स के कारण आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और सड़क सुरक्षा पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। याचिका के साथ प्रस्तुत तस्वीरों में शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे ऐसे होर्डिंग्स को दर्शाया गया है।

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने नगर निगम को निर्देशित किया कि नियमों का उल्लंघन कर लगाए गए होर्डिंग्स की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।