भंवरकुआं पर युवाओं की बढ़ी संख्या
इंदौर, 21 जुलाई 2026 : दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस की लाठीचार्ज कार्रवाई के बाद छात्र आंदोलन की गूंज अब इंदौर तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय राजधानी में हुए लाठीचार्ज के बाद मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और एजुकेशन हब इंदौर में चल रहे छात्र आंदोलन में नई ऊर्जा और बढ़ता जनसमर्थन देखने को मिल रहा है।
शहर के भंवरकुआं चौराहे पर पिछले करीब 20 दिनों से जारी धरने में सोमवार को प्रदर्शनकारियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। दिल्ली की घटनाओं के बाद आंदोलन से जुड़ने वाले युवाओं और आम नागरिकों की संख्या बढ़ी है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि उनकी आवाज देशभर तक पहुंचनी चाहिए।
धरना स्थल पर युवाओं के हाथों में तख्तियां और बैनर नजर आए, जबकि “नहीं रुकेंगे, नहीं थमेंगे” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। आंदोलन में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि महिलाएं, बुजुर्ग और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग भी शामिल हो रहे हैं।
आंदोलन की खास बात यह है कि इसे स्थानीय लोगों का भी सहयोग मिल रहा है। कोई प्रदर्शनकारियों के लिए समोसे लेकर पहुंच रहा है तो कोई पराठे, बिस्किट और पानी की व्यवस्था कर रहा है। लोग अपनी क्षमता के अनुसार आंदोलन में योगदान दे रहे हैं।
धरना स्थल पर अनुशासन और स्वच्छता भी देखने को मिली। प्रदर्शनकारी अपने आसपास का कचरा स्वयं एकत्र कर रहे हैं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रख रहे हैं। वहीं विरोध को रचनात्मक रूप देने के लिए कविता, शायरी, गीत-संगीत और सांकेतिक प्रस्तुतियों का सहारा लिया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। कई युवाओं ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि आंदोलन की वास्तविक तस्वीर और उनकी समस्याओं को निष्पक्ष रूप से जनता तक पहुंचाया जाए।
उधर दिल्ली में संसद मार्च फिलहाल स्थगित कर दिया गया है, लेकिन जंतर-मंतर पर धरना जारी है। ऐसे में दिल्ली की घटनाओं के बाद इंदौर में आंदोलन की बढ़ती सक्रियता ने इस मुद्दे को और चर्चा में ला दिया है। अब सभी की निगाहें सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संभावित संवाद और आगे की रणनीति पर टिकी हैं।
