इंदौर में इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया की दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस शुरू
देशभर के 400 से ज्यादा सीएस इन्दौर आए
इंदौर 21 अगस्त 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में कॉरपोरेट गवर्नेंस के बदलते स्वरूप और प्रोफेशनल्स के लिए AI की संभावनाओं पर मंथन के साथ इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) के इंदौर चैप्टर की दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ हुआ। “AI Unlocked: Transforming the Future of Corporate Governance” थीम पर आयोजित यह कॉन्फ्रेंस 21 और 22 अगस्त को द पार्क, इंदौर में आयोजित की जा रही है।
उद्घाटन सत्र में कार्यक्रम के मुख्य अतिथी कैलाश जी विजयवर्गीय थे। इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) के अध्यक्ष सीएस पवन चांडक, संस्थान पूर्व अध्यक्ष सीएस आशीष गर्ग, काउंसिल मेंबर सीएस राजेश तरपरा, काउंसिल मेंबर एवं प्रोग्राम डायरेक्टर सीएस आशीष करोड़िया, वेस्टर्न रीजन के चेयरमैन सीएस योगेश चौधरी, रीजनल काउंसिल मेंबर सीएस अनुराग गंगराड़े, इंदौर चैप्टर के चेयरमैन सीएस अंकित मेड़तवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दिल्ली, मुम्बई, कोलकत्ता, चैन्नई, हैदराबाद, पुणे, बैंगलौर आदि शहरों से 400 से ज्यादा सीएस आए है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद ICSI मोट्टो सॉन्ग, स्वागत उद्बोधन और अतिथियों के संबोधन हुए। उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने कॉरपोरेट क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती उपयोगिता और भविष्य की चुनौतियों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मंत्री श्री कैलाश जी विजयवर्गीय ने इस आयोजन की तारीफ की और कहा की वर्तमान समय में एआई का प्रयोग लगातार बढ़ रहा है ऐसे में सी एस को आई दक्ष होना अत्यंत जरूरी है । उन्होंने संस्था के लिए इंदौर के सुपर कॉरिडोर पर जमीन आवंटन की घोषणा भी की।
संस्थान के अध्यक्ष सीएस पवन चांडक ने कहा कि कॉरपोरेट गवर्नेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का एकीकरण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में कंपनी सचिवों के लिए एआई का नैतिक और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी होगा। साथ ही डीपफेक जैसी नई कानूनी एवं तकनीकी चुनौतियों की पहचान और रोकथाम भी पेशेवरों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश में करीब 1.5 लाख कंपनी सचिवों की आवश्यकता होगी। कंपनियों की बढ़ती संख्या के साथ इस पेशे में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
कॉन्फ्रेंस के पहले तकनीकी सत्र में अहमदाबाद के AI ट्रेनर कैवल शाह ने “The Complete Claude AI Framework for Company Secretaries” विषय पर कंपनी सेक्रेटरीज के लिए AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग पर जानकारी दी। उन्होंने AI के माध्यम से प्रोफेशनल कार्यों को अधिक प्रभावी और स्मार्ट बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
दूसरे तकनीकी सत्र में दिल्ली के स्टडी कैफ़े के संस्थापक दीपक गुप्ता ने “From Manual to Intelligent” विषय पर संबोधित किया। सत्र में मैनुअल कार्यप्रणाली से इंटेलिजेंट और AI आधारित कार्यप्रणाली की ओर बढ़ने तथा तकनीक के बदलते दौर में प्रोफेशनल्स की कार्यशैली में आने वाले बदलावों पर चर्चा हुई।
दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में कंपनी सेक्रेटरीज, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स और विद्यार्थियों को AI की नई तकनीकों तथा कॉरपोरेट गवर्नेंस में उनके उपयोग की जानकारी दी जा रही है। कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य प्रोफेशनल्स को भविष्य की AI आधारित कॉरपोरेट व्यवस्था के लिए तैयार करना है।
