नई दिल्ली/इंदौर। धार स्थित भोजशाला–कमाल मौला परिसर विवाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा वैज्ञानिक सर्वे और खुदाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक प्रो. आलोक त्रिपाठी द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के पालन में रिट याचिका क्रमांक 10497/2022 के तहत भोजशाला परिसर में पुरातात्विक सर्वे, वैज्ञानिक जांच और उत्खनन 22 मार्च 2024 की सुबह से प्रारंभ किया गया।
पत्र में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सर्वे कार्य के लिए स्थल पर सुरक्षित पहुंच (safe access) उपलब्ध कराई जाए और एएसआई टीम के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
साथ ही यह भी कहा गया कि याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों के प्रतिनिधियों को भी, न्यायालय के निर्देशानुसार, सर्वे प्रक्रिया की जानकारी दी जाए।
यह पत्र इंदौर संभागायुक्त, धार कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, पुलिस अधीक्षक धार, एएसआई के वरिष्ठ अधिकारियों सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भेजा गया था, ताकि सर्वे कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
उल्लेखनीय है कि भोजशाला विवाद में परिसर के धार्मिक स्वरूप और ऐतिहासिक स्थिति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। हाईकोर्ट के निर्देश पर कराए गए इस वैज्ञानिक सर्वे को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट पर वर्तमान में न्यायालय में सुनवाई जारी है।
