इंदौर, 21 अप्रैल, लोकायुक्त संगठन इंदौर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के तीन अधिकारियों को रिश्वत मामले में ट्रैप किया है।
कार्रवाई के तहत कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम और अनुविभागीय अधिकारी टी.के. जैन को कुल 2.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया, जबकि उपयंत्री अंशु दुबे द्वारा मांगी गई राशि नहीं ली जा सकी।
लोकायुक्त के अनुसार, शिकायतकर्ता राजपाल सिंह पंवार (धार निवासी), जो पटेल श्री इंटरप्राइजेस के संचालक एवं शासकीय ठेकेदार हैं, ने वर्ष 2023 में मैथवाड़ा-फोरलेन पहुंच मार्ग का कार्य लगभग 4.73 करोड़ रुपये में लिया था। कार्य पूर्ण होने के बाद अंतिम बिल के भुगतान के एवज में आरोपियों द्वारा कुल 3.50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी।
शिकायत की पुष्टि के बाद 21 अप्रैल को ट्रैप दल का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान जयदेव गौतम को उनके शासकीय निवास पर 1.50 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया, जबकि टी.के. जैन को उनके कार्यालय परिसर में 1 लाख रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
तीसरे आरोपी अंशु दुबे द्वारा मांगी गई राशि कम होने के कारण शिकायतकर्ता के प्रतिनिधि से प्राप्त नहीं की गई।
आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई जारी है।
लोकायुक्त ट्रैप दल में निरीक्षक आशुतोष मिठास, विवेक मिश्रा, आशीष शुक्ला, आदित्य सिंह भदौरिया सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में या दिए गए दूरभाष नंबरों पर की जा सकती है।
