अवैध सिगरेट कारोबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 11.33 करोड़ की कुर्की, 11.66 करोड़ से अधिक की अपराध आय चिन्हित
इंदौर, 13 जनवरी 2026।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इंदौर उप-आंचलिक कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध सिगरेट कारोबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 11.33 करोड़ रुपये की अस्थायी कुर्की का अंतिम आदेश जारी किया है। मामले में 11.66 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित धनराशि (POC) चिन्हित की गई है।
ईडी ने किशोर बाघवानी, नितेश बाघवानी, श्रीमती सुमन बाघवानी तथा मेसर्स दबंग दुनिया पब्लिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ विशेष न्यायालय (PMLA), इंदौर में 30 अक्टूबर 2025 को अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की थी। माननीय न्यायालय ने 12 जनवरी 2026 को धन शोधन के अपराध का संज्ञान लिया।
जांच की शुरुआत इंदौर जिले के तुकोगंज थाना में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई थी। एफआईआर में आरोप था कि आरोपियों ने अवैध रूप से अर्जित धन को वैध आय में बदलने के उद्देश्य से साजिश रची और सरकार को धोखा दिया।
ईडी की जांच में सीजीएसटी विभाग द्वारा अवैध सिगरेट व्यापार से जुड़े तथ्यों का खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि मेसर्स दबंग दुनिया पब्लिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एलोरा टोबैको कंपनी लिमिटेड के बीच अवैध सिगरेट व्यापार का सीधा संबंध था। एलोरा टोबैको कंपनी लिमिटेड अवैध सिगरेट वितरण में संलिप्त पाई गई।
जांच में यह भी सामने आया कि किशोर बाघवानी और उनके साथियों ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए सर्कुलेशन नंबर और फर्जी विज्ञापनों के माध्यम से सिगरेट बिक्री से प्राप्त नकदी को विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया। फर्जी टैक्स बिल तैयार करने और अखबारों के सर्कुलेशन आंकड़ों में हेराफेरी कर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। आरोप है कि अवैध रूप से अर्जित धन को कई लेन-देन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग कर छिपाया गया।
ईडी के अनुसार, इस पूरे मामले में अपराध से अर्जित धन 11.66 करोड़ रुपये से अधिक पाया गया है, जबकि जांच के दौरान 11.33 करोड़ रुपये की संपत्ति पर अंतिम कुर्की आदेश जारी किया गया।
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