भागीरथपुरा में दूषित पानी से हड़कंप, 150 से अधिक लोग बीमार, दो मौतों का दावा
इंदौर।
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 अंतर्गत भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल पीने से बड़ा मामला सामने आया है। गंदा पानी पीने से 150 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई, इनमें कई लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्थानीय संजीवनी क्लिनिक में बीते 3 से 4 दिन में 129 लोग उल्टी, दस्त की शिकायत लेकर आए हैं।

दूषित पानी पीने से दो लोगों की मौत की भी खबर सामने आ रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि दोनों मौतें दूषित पानी से नहीं बल्कि कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई हैं।
भागीरथपुरा क्षेत्र के रहवासी कई दिनों से नलों में गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायत कर रहे थे, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेयजल लाइन में ड्रेनेज का पानी मिल रहा था, जिससे बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए।
गौरतलब है कि यह वही विधानसभा क्षेत्र है, जहां से प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय आते हैं। मध्य प्रदेश में ट्रिपल इंजन की सरकार होने और इंदौर नगर निगम के महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व के बावजूद नागरिकों को बुनियादी सुविधा जैसे शुद्ध पेयजल के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
भागीरथपुरा निचली बस्ती का इलाका है। यहां आर्थिक रूप से सक्षम लोग तो बाहर से पानी खरीदकर पी रहे हैं, लेकिन बड़ी आबादी मजबूरी में नलों से आ रहे दूषित पानी का उपयोग कर रही थी। हालात बिगड़ने के बाद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अस्पतालों और प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। प्रशासन की ओर से टैंकरों के माध्यम से साफ पानी उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है।
इस बीच विपक्षी दल कांग्रेस ने नगर निगम की लचर व्यवस्था, नागरिकों को हो रही असुविधा और गंदे पेयजल की समस्या को लेकर हाल ही में प्रदर्शन भी किया था। बावजूद इसके, अब तक की गई शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
लगातार आठ बार देश का सबसे स्वच्छ शहर चुने गए इंदौर में नागरिक आज भी शुद्ध पानी और साफ वातावरण के लिए परेशान हैं। दूषित पेयजल, बढ़ता प्रदूषण और विकास के नाम पर पुराने पेड़ों की कटाई को लेकर सामाजिक संगठन विरोध जता रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से ठोस जवाब और कार्रवाई का अब भी इंतजार

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।