नर्मदा परियोजना, अमृत 2.0 और सफाई व्यवस्था को मिली हरी झंडी, भविष्य की 60 लाख आबादी के लिए मजबूत होगी जलप्रदाय प्रणाली
इंदौर। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में शुक्रवार को महापौर सभाकक्ष में मेयर इन काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित महापौर परिषद के सभी सदस्य, अपर आयुक्त, विभाग प्रमुख एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े 1500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई।
जलप्रदाय व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में नर्मदा परियोजना के चौथे चरण के अंतर्गत इंदौर की भविष्य की लगभग 60 लाख आबादी को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। इसके तहत शहर में 40 नई पेयजल टंकियों के निर्माण तथा 75 से अधिक पुरानी टंकियों की जल वितरण लाइनों को बदलने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
अमृत परियोजना के तहत प्रमुख स्वीकृतियाँ
मेयर इन काउंसिल ने अमृत एवं अमृत 2.0 परियोजना के अंतर्गत तीन बड़े पैकेजों को हरी झंडी दी—
पैकेज–4 (₹497 करोड़): पुराने जल वितरण नेटवर्क का पूर्ण प्रतिस्थापन, घरेलू जल कनेक्शन व निगरानी प्रणाली तथा 24×7 जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उन्नत व्यवस्था।
पैकेज–2 (₹448 करोड़): अमृत 2.0 के तहत 10 वर्षों तक समग्र जलप्रदाय व्यवस्था का संचालन व रखरखाव, 2235 मिमी व्यास की 38,850 मीटर लंबी स्वच्छ जल लाइन की स्थापना।
पैकेज–3 (₹410 करोड़): 20 नई ओवरहेड टंकियों (OHT) का निर्माण एवं 29 मौजूदा टंकियों के वितरण नेटवर्क का विस्तार व सुधार। इन परियोजनाओं के माध्यम से कुल मिलाकर 1500 करोड़ रुपये से अधिक की जलप्रदाय संबंधी योजनाओं को स्वीकृति दी गई।
सफाई व्यवस्था के लिए रोड स्वीपिंग मशीनें
शहर की मुख्य सड़कों, फीडर रोड, लिंक रोड एवं सार्वजनिक स्थलों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 175 करोड़ रुपये की संभावित लागत से 30 रोड स्वीपिंग मशीनों को किराये पर लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
ग्रीन बेल्ट और उद्यान गोद देने की अनुमति
शहर की हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से उद्यान, ग्रीन बेल्ट, डिवाइडर, चौराहे एवं रोटरी के विकास व रखरखाव हेतु रजिस्टर्ड संस्थाओं को गोद देने की अनुमति प्रदान की गई है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
निगम वाहनों के ईंधन प्रबंधन के लिए इंटीग्रेटेड लॉग डिवाइस की स्वीकृति।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गरीबों की ईडब्ल्यूएस श्रेणी को छोड़कर अन्य आवासों के लिए 5 वर्ष पश्चात पूर्व निर्धारित विक्रय मूल्य में वृद्धि हेतु सैद्धांतिक सहमति।
