इंदौर, 31 मार्च: इंदौर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में रिकॉर्डतोड़ टैक्स कलेक्शन करते हुए 1,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। यह पहली बार है जब नगर निगम का कर संग्रह चार अंकों में पहुंचा है, जो शहर के आर्थिक प्रबंधन और नागरिकों की भागीदारी का प्रमाण है।

महापौर का नेतृत्व और नागरिकों की भागीदारी

महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अपील और नगर निगम अधिकारियों की रणनीति से संपत्ति कर, जलकर और अन्य करों का रिकॉर्ड संग्रह हुआ। शहरवासियों ने समय पर कर जमा कर इंदौर के विकास में योगदान दिया।

पिछले वर्षों का तुलनात्मक टैक्स कलेक्शन

पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में नगर निगम ने 785 करोड़ रुपये का टैक्स कलेक्शन किया था, जबकि इस वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 1,000 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। यह अब तक का सबसे बड़ा कर संग्रह है, जिससे नगर निगम की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत हुई है।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा:

“यह ऐतिहासिक उपलब्धि इंदौर की जागरूक जनता और निगम प्रशासन की पारदर्शिता का परिणाम है। पहली बार हमारा टैक्स संग्रह 1,000 करोड़ रुपये के पार पहुंचा है। मैं सभी नागरिकों का धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने समय पर कर भुगतान कर शहर को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया। यह राशि इंदौर के विकास कार्यों को गति देगी।”

टैक्स कलेक्शन में तेजी कैसे आई?

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन निगम कार्यालयों में कैश काउंटर देर रात तक खुले रहे।

शाम 7 बजे तक 980 करोड़ रुपये का टैक्स जमा हो चुका था, और रात 12 बजे तक यह आंकड़ा 1,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। यह सफलता निगम प्रशासन की सख्ती और जनता की जागरूकता का संयुक्त परिणाम है।

शहर के विकास को मिलेगा बढ़ावा

नगर निगम इस राशि का उपयोग सड़क निर्माण, जल आपूर्ति, स्वच्छता अभियान और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में करेगा।

टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के प्रमुख प्रयास

1️⃣ नियमित समीक्षा बैठकें: महापौर और निगम अधिकारियों ने राजस्व वसूली की साप्ताहिक समीक्षा की, जिससे कर वसूली में तेजी आई।

2️⃣ प्रोत्साहन योजनाएँ: समय पर कर भुगतान करने वाले नागरिकों को छूट और अन्य लाभ प्रदान किए गए, जिससे लोग समय पर टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित हुए।

3️⃣ जन जागरूकता अभियान: विभिन्न माध्यमों से करदाताओं को समय पर टैक्स भुगतान के लिए प्रेरित किया गया, जिससे लोगों में कर भुगतान की आदत विकसित हुई।

4️⃣ डिजिटल भुगतान को बढ़ावा: UPI, नेट बैंकिंग और मोबाइल एप्स से भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे टैक्स जमा करने की प्रक्रिया आसान और तेज हुई।

इंदौर नगर निगम का यह रिकॉर्डतोड़ टैक्स कलेक्शन शहर के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा। आने वाले वर्षों में इंदौर के आर्थिक मॉडल को और मजबूत करने के लिए इसी रणनीति को अपनाया जाएगा।

By Jitendra Singh Yadav

जितेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ पत्रकार | आरटीआई कार्यकर्ता | राजनीतिक विश्लेषक 15+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, UNI से जुड़े। Save Journalism Foundation व इंदौर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के संस्थापक। Indore Varta और NewsO2.com से जुड़े। निष्पक्ष पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित।

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