इंदौर, 26 जून 2025। इंदौर कलेक्टरआशीष सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत निक्षय शिविर की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, जिला क्षय अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र जैन, वरिष्ठ सर्जन डॉ. जी.एल. सोढ़ी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि इंदौर जिले में क्षय रोग के लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग की गति धीमी है, जिसे तुरंत तेज किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मैदानी स्तर पर सक्रिय हों और सर्वे की रिपोर्ट समय पर पोर्टल पर अपलोड करें। कलेक्टर सिंह ने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में करीब 8 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जानी है। इसमें बीते 5 साल के क्षय रोगी, मधुमेह से ग्रसित, धूम्रपान करने वाले, कुपोषित और 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक शामिल हैं। जिले में 18 केंद्रों के माध्यम से 20 मई से 100 दिन का यह सर्वेक्षण चल रहा है।

क्षय रोगियों को निक्षय मित्र योजना के तहत फूड बॉस्केट दी जा रही है। अब तक चार हजार मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। एक मरीज को अधिकतम 6 बार फूड बॉस्केट दी जाती है। बैठक में अधिकारियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।