इंदौर। Indore plot loan fraud gang busted
प्लॉट के कूट रचित व फर्जी दस्तावेज तैयार कर उस पर बैंक लोन लेकर धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस थाना लसूडिया ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि दो मुख्य आरोपी अभी फरार हैं। Indore Police Bust Plot Loan Fraud Gang; Six Arrested, Two Absconding.
पुलिस के अनुसार फरियादिया डॉ. राजरानी खरे (71), निवासी बालाघाट, ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 1980 में उन्होंने एमवाय अस्पताल में पदस्थ रहते हुए चिकित्सक नगर, इंदौर में एक भूखंड क्रय किया था। 21 जनवरी 2025 को एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट फाइनेंस बैंक द्वारा उक्त भूखंड/भवन पर कब्जे का नोटिस चस्पा किए जाने के बाद धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने डॉ. राजरानी खरे का प्रतिरूपण कर फर्जी दस्तावेज बनाए और उन्हीं के आधार पर अलग-अलग बैंकों से ऋण प्राप्त कर लिया।
शिकायत पर थाना लसूडिया में अपराध क्रमांक 0529/2025 धारा 420, 467, 468, 471 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर जांच की गई। बैंक ट्रांजेक्शन व रजिस्ट्रियों के विश्लेषण में आपसी दिखावटी लेन-देन सामने आया।

जांच के दौरान डॉ. राजरानी खरे बनकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाली महिला उषा बडोनिया को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसके साथियों फरहत कौसर उर्फ रूबिना खान, मुन्नवर हुसैन, वीरेंद्र सिंह कुमरे, अजय वर्मा और अब्दुल रज्जाक को भी गिरफ्तार किया गया। सभी 6 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने एक ही भूखंड की दो अलग-अलग फर्जी रजिस्ट्रियां कराकर उन्हें अलग-अलग बैंकों में बंधक रखा। इस तरह जना स्मॉल फाइनेंस बैंक से 80 लाख रुपये और एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट बैंक से 93 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया गया।
मामले में मुख्य षड्यंत्रकर्ता जावेद अहमद कुरैशी और दूसरी महिला बनकर प्रतिरूपण करने वाली तनवीर उर्फ तन्नु फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी पर डीसीपी जोन-2 द्वारा 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस का कहना है कि प्रकरण में कुछ बैंक कर्मचारियों, दस्तावेजों का सत्यापन करने वाले अधिवक्ताओं और आधार कार्ड सेंटर ऑपरेटरों की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है, जिनकी जांच जारी है। अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका तय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी लसूडिया तारेश कुमार सोनी सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
