सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नगदी रहित उपचार की व्यवस्था
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◆ कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम-2025 के क्रियान्वयन में इंदौर बनेगा मॉडल जिला
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◆ अधिकांश अस्पतालों ने कराया पंजीयन, घायलों का डेढ़ लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
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◆ कलेक्टर आशीष सिंह ने ली अस्पताल संचालकों की बैठक, प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
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◆ आयुष्मान भारत योजना के सीईओ डॉ. योगेश भरसट भी रहे उपस्थित
इंदौर, 28 जून 2025
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित और नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराने के लिए इंदौर जिले में कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम-2025 लागू की गई है। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि इंदौर को इस योजना के क्रियान्वयन में मॉडल जिला बनाया जाएगा। योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति का जिले के पंजीकृत अस्पतालों में नगदी रहित इलाज किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा डेढ़ लाख रुपये तक होगी।
जिले के अधिकांश अस्पतालों ने योजना के तहत पंजीयन करवा लिया है। शेष अस्पतालों से भी जल्द पंजीयन कराने का आग्रह किया गया है। कलेक्टर सिंह ने कहा कि गंभीर रूप से घायलों को तुरंत और समुचित इलाज उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। अस्पताल संचालकों को चिन्हित प्रक्रिया का पालन करने और जिला सड़क सुरक्षा समिति के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान भारत योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. योगेश भरसट ने बैठक में अस्पताल संचालकों की शंकाओं का समाधान किया और योजना के प्रावधान समझाए। बैठक में बताया गया कि दुर्घटना के उपरांत घायल को अधिकतम सात दिनों तक निर्दिष्ट अस्पताल में नगदी रहित इलाज मिलेगा। किसी अन्य अस्पताल में केवल स्थिरीकरण के लिए उपचार की अनुमति होगी, इसके बाद घायल को पंजीकृत अस्पताल में स्थानांतरित किया जाएगा।
योजना के सुचारु क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य शासन की राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।
कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि घायलों की मदद और समय पर इलाज शासन की प्राथमिकता है, तथा सभी संबंधित विभाग और अस्पताल सुनिश्चित करें कि योजना का पूरी तरह पालन हो।
