घटना के समय कांग्रेस में थे चावला, एफआईआर को बताया था राजनीतिक द्वेषपूर्ण
इंदौर,24 दिसंबर 2025: अलोट से पूर्व विधायक मनोज चावला को इंदौर की जेएमएफसी (JMFC) कोर्ट ने गेंहू खरीदी को लेकर किसानों के समर्थन में किए गए विरोध प्रदर्शन के मामले में दोषमुक्त कर बरी कर दिया है। यह मामला मई 2020 का है, जब लॉकडाउन अवधि के दौरान प्रदर्शन किए जाने का आरोप लगाया गया था।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एवं विशेष न्यायाधीश देव कुमार की अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। इसी आधार पर कोर्ट ने मनोज चावला को सभी आरोपों से बरी कर दिया। चावला के अधिवक्ता जगदीश दाँगी थे।
अभियोजन के अनुसार, मनोज चावला पर लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन, मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर आवागमन बाधित करने और भीड़ एकत्र करने के आरोप लगाए गए थे। यह मामला एमपी/एमएलए कोर्ट में विचाराधीन था। सुनवाई के दौरान चावला ने कोर्ट को बताया कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त वे विपक्षी दल कांग्रेस में थे और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर राजनीतिक द्वेष के चलते की गई थी। कोर्ट ने सभी तथ्यों और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अभियोजन की दलीलों को पर्याप्त नहीं माना।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 10 नवंबर 2022 को मनोज चावला पर विपणन केंद्र का शटर उठाकर यूरिया लुटवाने का भी आरोप लगा था। उस समय चावला ने इसे किसानों के हित में उठाया गया कदम बताया था और कहा था कि भाजपा इसे लूट करार दे रही है। उसके बाद वर्ष 2024 की शुरुआत में उन्होंने कांग्रेस से त्यागपत्र देकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी।
