चार बड़े कार्यक्रमों का ऐलान
सवाल का असर: आरटीआई को मजबूत बनाने कॉंग्रेस का एक्शन प्लान
इंदौर/नई दिल्ली। कांग्रेस ने युवा वकीलों को पार्टी की मुख्यधारा से जोड़ने और सूचना के अधिकार कानून को मजबूत करने के उद्देश्य से चार नई पहलों की घोषणा की है। यह ऐलान कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी कोषाध्यक्ष एवं सांसद अजय माकन और कांग्रेस के विधि, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी ने किया। आपको बता दें बीते दिनों इंदौर में आयोजित एक प्रेस कोन्फ्रेंस में कॉंग्रेस के बड़े पदाधिकारी से न्यूजओ2 प्रतिनिधि ने विपक्ष की आरटीआई विंग के निष्क्रिय पड़े होने को सवाल उठाया था। न्यूजओ2 के सवाल का असर ही है कि कॉंग्रेस ने इस तरह की पहल की है।
पहली पहल ‘कांग्रेस लीगल शोधार्थी प्रोग्राम’ है। इसके तहत 10 युवा वकीलों को तीन महीने तक सांसदों के साथ काम करने का अवसर दिया जाएगा, ताकि वे संसदीय कार्यप्रणाली और नीतिगत मुद्दों की समझ विकसित कर सकें।
दूसरी पहल ‘न्याय, नेता और नागरिक’ नामक पॉडकास्ट श्रृंखला है। इस श्रृंखला में वरिष्ठ और युवा अधिवक्ता संवैधानिक, कानूनी और सामाजिक विषयों पर संवाद करेंगे। इसका उद्देश्य कानून और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर जन-जागरूकता बढ़ाना है।
तीसरी पहल ‘रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स’ के तहत देश के प्रत्येक जिले में कम से कम पांच वकीलों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। यह नेटवर्क जरूरत पड़ने पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगा।
चौथी पहल के रूप में सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) को सशक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें पूर्व सूचना आयुक्त, विधिवेत्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार शामिल होंगे। सम्मेलन में आए सुझावों और सिफारिशों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सार्वजनिक की जाएगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य कानूनी जागरूकता बढ़ाना, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
