कांग्रेस का आरोप: सत्ता के दबाव में पुलिस, नामजद शिकायत नजरअंदाज
इंदौर, 21 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश के इंदौर में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया। विरोध करते हुए टकराव जल्द ही हिंसा में बदल गया । दोनों पक्षों की ओर से पत्थरबाजी हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए। प्रदर्शन दोपहर लगभग 1:45 बजे शुरू होकर करीब एक घंटे चला। घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज की, लेकिन धाराओं और कार्रवाई की गति को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है।
भाजपा की एफआईआर: 20 नामजद, ‘गंभीर’ धाराएँ
भाजपा ने पंडरीनाथ थाने में 20 नामजद कांग्रेस पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। जिसमें गिरीश जोशी, निखिल वर्मा, महक नागर, दानिश खान, दौलत पटेल, शैलू सेन, संजय बाकलीवाल, अमन बजाज, आकाश निजामपुरकर, जाकिर जककु, नफीस गब्बर, परवेज़ खान, जूनाइड और अन्य कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया हौ। पुलिस ने शाम लगभग 5:16 बजे—यानी चंद घंटों के भीतर—एफआईआर दर्ज कर ली। भाजपा की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गईं:
धारा 115(2) – स्वेच्छा से चोट पहुँचाना
धारा 117(2) – गंभीर चोट/हथियार से आक्रमण संबंधी प्रावधान
धारा 189(1), 189(4), 189(9) – गैरकानूनी जमावड़ा/दंगा/हिंसक भीड़ से जुड़ी उपधाराएँ
धारा 191(1) – बलवा, दंगे के दौरान घातक हथियार का उपयोग
धारा 296(A) – सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता
धारा 61(2) – आपराधिक साजिश/सामूहिक दायित्व से संबंधित प्रावधान
कांग्रेस की एफआईआर: ‘अज्ञात’ आरोपी, देर से दर्ज मामला
दूसरी ओर, कांग्रेस की ओर से दर्ज एफआईआर में केवल 1 अज्ञात आरोपी का उल्लेख किया गया। यह एफआईआर शाम लगभग 7:45 बजे दर्ज हुई है। पुलिस ने यहाँ भाजपा के खिलाफ कमजोर धाराओं में केस दर्ज किया है।
धारा 115(2) – चोट पहुँचाना
धारा 125 – लापरवाही से खतरा उत्पन्न करना
धारा 19(2) – बिना आपराधिक इरादे से नुकसान पहुंचाना
धारा 296(A) – सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता
धारा 324(2) – खतरनाक साधन से चोट
कांग्रेस का आरोप: “पुलिस सत्ता के दबाव में”
कांग्रेस नेता संजय बाकलीवाल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने में टालमटोल की और नामजद आरोपियों को शामिल नहीं किया। उनका कहना है कि पुलिस प्रदर्शन के दौरान भी “मूक दर्शक” बनी रही और वॉटर कैनन कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर छोड़ा गया, जबकि घेराव की पूर्व सूचना पुलिस को दी जा चुकी थी। बाकलीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि इसके पहले भी हुए प्रदर्शन में भाजपा ने कॉंग्रेस कार्यालय पर पेट्रोल बम और कालिख फेंकी थी। भाजपा इसके पहले भी इस तरह का हमला कर चुकी है लेकिन पुलिस सुरक्षा के नाम पर मूक दर्शक बनी रही।
कांग्रेस नेत्री सोनीला मिमरोट का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे पुलिस प्रशासन से प्रदर्शन कर रहे भाजयुमो के कार्यकर्ताओं पर वॉटर कैनन चलाने की मांग करती दिखाई दे रही हैं और कार्रवाई न होने पर नाराज़गी जताती हैं।
तो दूसरी ओर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर हिंसा की। उनके अनुसार, भाजयुमो का आंदोलन शांतिपूर्ण था, लेकिन कांग्रेस कार्यालय से ईंट-पत्थर और अन्य वस्तुओं से हमला किया गया। मिश्रा ने कॉंग्रेस को पत्थरबाजों का समर्थक बताया।
