टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ पीएम और TRAI को शिकायत
इंदौर। प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज समाप्त होते ही इनकमिंग कॉल, OTP और SMS सेवाएँ बंद किए जाने की प्रथा के खिलाफ इंदौर के अधिवक्ता एवं विधि विशेषज्ञ डॉ. पंकज वाधवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) को शिकायत भेजी है। शिकायत में टेलीकॉम कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं पर न्यूनतम रिचार्ज का दबाव बनाने को मनमानी बताते हुए इस पर रोक लगाने और कम से कम 30 दिन का “फ्री इनकमिंग ग्रेस पीरियड” तय करने की मांग की गई है।
डॉ. वाधवानी ने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान में कई टेलीकॉम कंपनियाँ प्रीपेड रिचार्ज की वैधता समाप्त होते ही या कुछ ही दिनों के भीतर उपभोक्ताओं की इनकमिंग वॉइस कॉल और OTP-SMS तक बंद कर देती हैं। जबकि TRAI की उपभोक्ता सुरक्षा व्यवस्था में 90 दिन की नॉन-यूज़ अवधि और उसके बाद न्यूनतम 15 दिन का ग्रेस पीरियड निर्धारित है।
TRAI की उपभोक्ता हैंडबुक के अनुसार किसी भी प्रीपेड कनेक्शन को केवल तभी नॉन-यूज़ के आधार पर निष्क्रिय किया जा सकता है जब 90 दिनों तक कोई कॉल, SMS या डेटा उपयोग न हुआ हो। इसके बाद भी उपभोक्ता को कम से कम 15 दिन का ग्रेस पीरियड देकर ₹20 में नंबर पुनः सक्रिय करने की सुविधा दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि व्यवहार में कई ऑपरेटर प्लान-वैलिडिटी समाप्त होते ही या 7 से 30 दिनों के भीतर इनकमिंग सेवाएँ भी बंद कर देते हैं और उपभोक्ताओं को “नंबर चालू रखने” के नाम पर न्यूनतम मासिक रिचार्ज के लिए बाध्य किया जाता है। स्वतंत्र अध्ययनों के अनुसार देश में लगभग 15 करोड़ उपभोक्ता अभी भी केवल 2G वॉइस और SMS सेवाओं पर निर्भर हैं, जिनमें बड़ी संख्या बुज़ुर्ग, ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के लोगों की है।
अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का हवाला
शिकायत में कहा गया है कि यूरोपीय संघ सहित कई देशों में यह सिद्धांत लागू है कि आपातकालीन सेवाओं तक पहुँच किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों में अधिकांश प्रीपेड कनेक्शन लगभग एक वर्ष तक उपयोग न होने पर ही बंद किए जाते हैं, जिससे कम उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की इनकमिंग सेवाएँ लंबे समय तक सुरक्षित रहती हैं।
डॉ. वाधवानी ने कहा कि भारत में मोबाइल नंबर अब बैंक OTP, आधार प्रमाणीकरण, UPI भुगतान, सरकारी DBT सूचना और रोजगार से जुड़े संचार का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में रिचार्ज समाप्त होते ही इनकमिंग सेवाएँ रोक देना आम नागरिक के लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है। यह स्थिति संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन और गरिमा के अधिकार तथा डिजिटल इंडिया की अवधारणा के भी विपरीत है।
ये मांगें की गईं
प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में मांग की गई है कि दूरसंचार विभाग और TRAI के समन्वय से स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएँ कि किसी भी प्रीपेड प्लान की वैधता समाप्त होने के बाद कम से कम 30 दिन तक इनकमिंग कॉल और OTP-SMS सेवाएँ बाधित न की जाएँ। साथ ही 90 दिन की नॉन-यूज़ अवधि और 15 दिन के ग्रेस पीरियड संबंधी प्रावधानों को उपभोक्ता हित में बाध्यकारी नियम के रूप में लागू किया जाए।
पत्र में यह भी सुझाव दिया गया है कि 112 और 108 जैसे आपातकालीन नंबरों तथा सरकारी या बैंकिंग OTP-SMS को किसी भी परिस्थिति में निःशुल्क और निर्बाध रखा जाए। इसके अलावा कम आय वर्ग और 2G उपयोगकर्ताओं के लिए कम से कम 365 दिन वैधता वाले वॉइस और SMS आधारित प्लान अनिवार्य करने की मांग भी की गई है।
