भोपाल/इंदौर, 22 मार्च। मध्य प्रदेश में सीधी कलेक्टर और गुना पुलिस अधीक्षक को हटाने तथा सहकारी बैंक महाप्रबंधक के निलंबन को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य सरकार की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह निर्णय वास्तविक प्रशासनिक सुधार है या “एडमिनिस्ट्रेटिव स्टंट”। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में प्रशासनिक अराजकता बढ़ रही है और सरकार केवल दिखावटी कार्रवाई कर रही है।
पटवारी ने कहा कि यदि लापरवाही पहले से थी तो समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जनता की शिकायतों पर पहले ध्यान क्यों नहीं दिया गया और अचानक निरीक्षण के बाद त्वरित कार्रवाई क्यों की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में “पहले निष्क्रियता और फिर अचानक दिखावटी सक्रियता” का पैटर्न बन गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर व्यापक समीक्षा की आवश्यकता है।
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार पर आर्थिक और प्रशासनिक मोर्चों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश कर्ज में डूबा है, सिस्टम भ्रष्टाचार से प्रभावित है और नौकरशाही बेलगाम हो चुकी है।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया था कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीधी जिले का औचक निरीक्षण कर आमजन से संवाद किया और प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकार ने इसे सुशासन की दिशा में सख्त कदम बताया है और कहा है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
