इंदौर, 31 मार्च
लाल अस्पताल के प्रभारी रहे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशुतोष शर्मा मंगलवार को 38 वर्षों की शासकीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने चिकित्सा सेवा को पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व के रूप में निभाया और विशेष रूप से गरीब व जरूरतमंद मरीजों के इलाज को प्राथमिकता दी।
डॉ. शर्मा लगभग 24 वर्षों तक लाल अस्पताल के प्रभारी रहे और इस अवधि में उन्होंने संस्थान को आमजन के भरोसे का केंद्र बनाया। शहर में कुत्ते के काटने जैसे मामलों में लाल अस्पताल और डॉ. शर्मा का नाम लोगों के बीच विश्वास का पर्याय बन गया था।
वे अपनी सहज और आत्मीय शैली के लिए जाने जाते रहे। मरीजों को उपचार के साथ सावधानी और नियमित इंजेक्शन लेने की सलाह देते हुए उनका व्यवहार मरीजों में भरोसा जगाता था। उनकी कार्यशैली अनुशासन और समर्पण पर आधारित रही—वे प्रतिदिन निर्धारित समय पर अस्पताल पहुंचते और अंतिम मरीज तक सेवाएं देते थे।
चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ती व्यावसायिक प्रवृत्तियों के बीच डॉ. शर्मा ने सीमित संसाधनों में अधिकतम मरीजों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया। वे यथासंभव अस्पताल से ही दवाएं उपलब्ध कराते और केवल आवश्यकता होने पर ही बाहर की दवाएं लिखते थे। कई अवसरों पर वे मरीजों को जीवनशैली, योग और घरेलू उपचार संबंधी सलाह भी देते थे।
मरीजों के बीच उनकी विश्वसनीयता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गंभीर स्थितियों में भी लोग पहले उनकी राय लेना उचित समझते थे। मीडिया और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोग भी स्वास्थ्य परामर्श के लिए नियमित रूप से उनसे संपर्क करते रहे।
डॉ. शर्मा को उच्च प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी संभालने के प्रस्ताव भी मिले, लेकिन उन्होंने उन्हें स्वीकार नहीं करते हुए प्रत्यक्ष रूप से मरीजों की सेवा को प्राथमिकता दी।
इंदौर में जन्मे डॉ. शर्मा ने सेंट पॉल बाल विनय मंदिर से स्कूली शिक्षा और एमजीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने अपने पूरे करियर में इंदौर को ही कार्यक्षेत्र बनाए रखा।
व्यक्तिगत जीवन में भी उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उनकी पत्नी, नीमच की तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती शिप्रा शर्मा का आकस्मिक निधन हो गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन निरंतर जारी रखा।
उनकी बड़ी पुत्री डॉ. सौम्या शर्मा चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत हैं, जबकि दूसरी पुत्री डॉ. देवीन शर्मा विधि क्षेत्र से जुड़ी हैं।
सेवानिवृत्ति के अवसर पर डॉ. शर्मा ने कहा कि वे अपनी सेवाओं से संतुष्ट हैं और उम्मीद करते हैं कि भविष्य में भी लाल अस्पताल में मरीजों को इसी तरह समर्पित और संवेदनशील उपचार मिलता रहेगा।
