सरकारी तेल कंपनी BPCL के साथ 5.72 करोड़ की ठगी, लॉयल्टी ऐप में तकनीकी सेंध लगाकर वॉलेट में भरा फर्जी पैसा
इंदौर, क्षिप्रा थाना क्षेत्र से डिजिटल धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। भारत सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी (PSU) भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के लॉयल्टी एप्लीकेशन में तकनीकी सेंध लगाकर सात शातिर आरोपियों ने करीब 5.72 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। बिना किसी बैंकिंग ट्रांजेक्शन के आरोपियों ने अपने डिजिटल वॉलेट में करोड़ों रुपये का फर्जी बैलेंस तैयार कर लिया और कंपनी के नोटिस के बावजूद राशि लौटाने से इनकार कर दिया।
पुलिस के अनुसार, यह मामला इंदौर के मांगलिया स्थित BPCL डिपो से जुड़ा है, जहां 31 मार्च 2023 से इस तकनीकी हेरफेर की शुरुआत हुई। नवी मुंबई निवासी और वर्तमान में इंदौर में पदस्थ BPCL अधिकारी विक्रांत हाटे की शिकायत पर क्षिप्रा पुलिस ने इंदौर के विभिन्न पॉश इलाकों में रहने वाले सात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने BPCL के स्मार्ट फ्लिट लॉयल्टी एप्लिकेशन के सिस्टम में तकनीकी खामी का फायदा उठाकर बिना किसी वास्तविक भुगतान के अपने वॉलेट में बड़ी राशि जोड़ ली। ऑडिट के दौरान जब कंपनी को इस गड़बड़ी का पता चला तो सभी संबंधित खातों का विवरण निकालकर आरोपियों को नोटिस जारी किया गया। बावजूद इसके, आरोपियों ने राशि लौटाने से इनकार कर दिया और कथित रूप से पूरी रकम का दुरुपयोग किया।
डीएसपी ग्रामीण उमाकांत चौधरी के मुताबिक, आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से एप्लिकेशन की तकनीकी कमजोरी का फायदा उठाया और फर्जी तरीके से रकम अपने वॉलेट में ट्रांसफर की। मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और तकनीकी पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि इस तरह की धोखाधड़ी का दायरा केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। BPCL द्वारा देशभर में 1093 ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिन्होंने कथित रूप से करीब 129 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों की भूमिका और तकनीकी तरीके की विस्तृत जांच कर रही है।
