नई दिल्ली, 25 मार्च 2026
कांग्रेस पार्टी को राजधानी दिल्ली स्थित अपने पुराने मुख्यालय 24 अकबर रोड को खाली करने का नोटिस मिला है। केंद्र सरकार के एस्टेट विभाग ने पार्टी को यह परिसर खाली करने के लिए 28 मार्च 2026 तक का समय दिया है। इसके साथ ही रायसीना रोड स्थित यूथ कांग्रेस कार्यालय को भी खाली करने का निर्देश जारी किया गया है।

सरकारी नियमों के अनुसार, किसी राजनीतिक दल को नया मुख्यालय आवंटित होने के बाद पुराने सरकारी आवास/दफ्तर का आवंटन स्वतः समाप्त माना जाता है। कांग्रेस को पहले ही दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर नया मुख्यालय (इंदिरा भवन) आवंटित किया जा चुका है। इसी आधार पर एस्टेट विभाग ने 24 अकबर रोड का आवंटन निरस्त कर दिया है।

नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित और एकतरफा बताया है। कांग्रेस सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पार्टी इस फैसले को अदालत में चुनौती देगी और सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगी। वहीं, कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने कहा कि यदि यह नियम लागू किया जा रहा है तो इसे अन्य दलों, विशेषकर भाजपा पर भी समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।

पार्टी नेताओं का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी ने नया मुख्यालय बनने के बाद भी अपने पुराने दफ्तर पूरी तरह खाली नहीं किए हैं, ऐसे में केवल कांग्रेस के खिलाफ कार्रवाई करना चयनात्मक रवैया दर्शाता है।

गौरतलब है कि 24 अकबर रोड दशकों तक कांग्रेस का केंद्रीय मुख्यालय रहा है और देश की राजनीति में इसका विशेष महत्व रहा है। अब इस नोटिस को लेकर राजनीतिक विवाद तेज होने के आसार हैं, जबकि कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह मामले में कानूनी राहत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।