फेसबुक (मेटा) के पूर्व साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ गौरांग कात्याल ने बताया— लापरवाही ही साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार
इंदौर, 19 दिसंबर 2025 : फेसबुक (मेटा) के पूर्व साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट गौरांग कात्याल ने आज 19 दिसंबर को इंदौर मेँ कहा, कि आज 100 प्रतिशत मोबाइल, इन्टरनेट यूजर्स फर्जी कॉल, फर्जी मैसेज और फर्जी ई-मेल के दायरे में हैं। साइबर अपराधियों ने 2025 में दुनिया भर में 11.36 ट्रिलियन डॉलर की ठगी की है। यदि यह एक देश होता तो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बराबर होता।
जीपीओ स्थित भारतीय डाक सेवा के पोस्ट मास्टर जनरल कार्यालय में आयोजित साइबर सुरक्षा कार्यशाला में कात्याल ने बताया कि डेटा सुरक्षा अब विकल्प नहीं बल्कि जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर यूजर को 2–3 महीने में अपने ई-मेल, सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के पासवर्ड बदलते रहना चाहिए।
आसान पासवर्ड और लापरवाही सबसे बड़ा खतरा
कात्याल ने चेताया कि कई दफ्तरों में वाई-फाई के लिए 1-2-3-4-5 जैसे आसान पासवर्ड या जन्मतिथि, शादी की सालगिरह जैसे पासवर्ड अब भी इस्तेमाल होते हैं। यदि इन्हें कोई साइबर अपराधी या आतंकी हैक कर ले, तो आपके आईपी एड्रेस से फ्रॉड या गंभीर अपराध हो सकता है।
दस्तावेजों और डिजिटल ट्रांजेक्शन में सावधानी जरूरी
उन्होंने आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के उपयोग में मास्क या कवरिंग लगाने की सलाह दी। डिजिटल पेमेंट के दौरान क्यूआर कोड स्कैन करते समय अकाउंट होल्डर का नाम क्रॉस-चेक करना बेहद जरूरी है, क्योंकि कई ठग नकली क्यूआर चिपका देते हैं।
रैनसमवेयर और ठगी का संगठित बिजनेस
कात्याल ने रैनसमवेयर के बारे में बताया कि ठग मोबाइल या कंप्यूटर पर एपीके फाइल भेजकर सिस्टम लॉक कर देते हैं और बिटकॉइन में भुगतान की मांग करते हैं। यह अब एक बिजनेस मॉडल की तरह ऑपरेट होता है। इसलिए किसी भी अंजान लिंक या फाइल डाउनलोड न करें।
लापरवाही ही ठगी का कारण
कात्याल ने कहा कि साइबर अपराधी यूजर के दिमाग को टार्गेट करते हैं ताकि वह लॉजिकल सोच न कर पाए। कात्याल ने साफ कहा कि हर बार तकनीक में गलती नहीं होती, गलती हमारी लापरवाही में होती है—जैसे आसान पासवर्ड रखना या हर जगह निजी जानकारी बिना सुरक्षा के साझा करना। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई आपकी व्यक्तिगत जानकारी मांगे तो आपका अधिकार है यह पूछना कि इसे क्यों चाहिए।
यूट्यूब पर हर मिनट 500 घंटे से अधिक वीडियो, व्हाट्सऐप पर एक दिन में 100 बिलियन मैसेज और इंस्टाग्राम पर हर मिनट 66 हजार से अधिक फोटो शेयर होती हैं। इतने विशाल कंटेंट को पूरी दुनिया मिलकर भी रिव्यू नहीं कर सकती, इसलिए यूजर की जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
कार्यशाला का उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग करना, पोस्ट ऑफिस की कार्यप्रणाली में साइबर सुरक्षा और एआई का समझदारी से उपयोग और पॉलिसी व डिडक्शन जैसे फ्रेमवर्क के जरिए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
