रिपोर्ट कार्ड पेश कर गिनाईं उपलब्धियां, शेष एक वर्ष में विकास कार्यों को गति देने का दावा

इंदौर, 5 अगस्त। इंदौर नगर निगम की महापौर परिषद ने बुधवार को अपने चार वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया। इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने परिषद के चार वर्षों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि वर्तमान में शहर में चल रहे निर्माण कार्य आगामी 25 वर्षों के इंदौर की आधारशिला साबित होंगे। उन्होंने निर्माण कार्यों से नागरिकों को हो रही असुविधा के लिए खेद भी व्यक्त किया।

मंगलवार, 04 को आयोजित पत्रकार वार्ता में महापौर भार्गव ने कहा कि किसी भी शहर के व्यापक विकास के लिए निर्माण कार्य आवश्यक होते हैं और इनके दौरान अस्थायी असुविधा स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि परिषद के शेष एक वर्ष के कार्यकाल में भी शहर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति दी जाएगी।

महापौर ने बताया कि पिछले चार वर्षों में कई ऐसी परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ जो वर्षों से लंबित थीं। मास्टर प्लान की 23 सड़कों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 468 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। वहीं, शहर की भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नर्मदा परियोजना के चौथे चरण का कार्य शुरू किया गया। नगर निगम के 90 लाख दस्तावेजों के डिजिटलीकरण का कार्य भी प्रारंभ किया गया।

महापौर ने बताया कि आगामी वर्षों में नगर निगम का फोकस सीवर मुक्त इंदौर, अमृत 2.0, नमामि गंगे परियोजना, सिंहस्थ-2028 की तैयारियां, नई जल प्रदाय योजनाएं, आधुनिक सड़क नेटवर्क, डिजिटल गवर्नेंस, पर्यावरण संरक्षण, उपचारित जल के पुन: उपयोग, जलवायु अनुकूल विकास तथा जनसहभागिता आधारित शहरी प्रबंधन पर रहेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता में देशभर में पहचान बनाने के बाद अब इंदौर जल, सड़क और सीवरेज सहित शहरी अधोसंरचना के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।

हालांकि, इसी अवधि में नगर निगम को कुछ विवादों का भी सामना करना पड़ा। 354 कथित फर्जी नामांतरण के मामले सामने आए, जबकि बिना कार्य के 100 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान का मामला भी चर्चा में रहा। दूसरी ओर, कार्य पूर्ण होने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने से नाराज ठेकेदारों ने निगम के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।

प्रमुख उपलब्धियां

  • ग्रीन बॉन्ड जारी कर 244 करोड़ रुपये जुटाए गए।
  • इस राशि से जलूद में 60 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क विकसित किया गया, जिससे प्रतिमाह लगभग चार करोड़ रुपये की बचत का दावा किया गया।
  • नर्मदा परियोजना के चौथे चरण के पहले और दूसरे पैकेज का कार्य जलूद में प्रारंभ हुआ।
  • शहर में 40 नई पानी की टंकियों के निर्माण तथा नई नर्मदा जलापूर्ति लाइन बिछाने का कार्य शीघ्र शुरू होने की जानकारी दी गई।

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