कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने जल संकट, ड्रेनेज व नामांतरण घोटाले, बढ़ते कर्ज, ट्रैफिक अव्यवस्था और अधूरे विकास कार्यों को लेकर नगर सरकार पर साधा निशाना

इंदौर, 6 अगस्त। इंदौर नगर निगम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव के चार वर्ष पूरे होने पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने पत्रकार वार्ता कर नगर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने महापौर के कार्यकाल को “घोटालों और बदहाली का कार्यकाल” बताते हुए कहा कि विकास के दावों के बावजूद शहर जल संकट, खराब सड़कों, ट्रैफिक अव्यवस्था और वित्तीय संकट से जूझ रहा है।

चौकसे ने आरोप लगाया कि नगर निगम की देनदारी 400 करोड़ रुपये से बढ़कर कई गुना हो गई है। उन्होंने कहा कि ड्रेनेज लाइन और नामांतरण घोटालों में अब तक दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार ड्रेनेज घोटाले में जिम्मेदार अधिकारियों से एक रुपये की भी वसूली नहीं हुई, जबकि नामांतरण घोटाले में 560 लोगों की संपत्तियों के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी सामने आई।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस वर्ष शहर के नागरिकों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ा और लोगों को निजी टैंकरों से महंगा पानी खरीदना पड़ा। उन्होंने नगर निगम पर वर्षा जल संचयन, सड़कों के रखरखाव और गंदे पानी की समस्या के समाधान में विफल रहने का आरोप लगाया। छावनी और जिंसी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया।

चौकसे ने आरोप लगाया कि सराफा चौपाटी, मेघदूत गार्डन सहित कई परियोजनाएं अधूरी हैं और मुख्यमंत्री द्वारा घोषित नगर निगम भवन के लिए 50 करोड़ रुपये भी अब तक नहीं मिल सके। उन्होंने महापौर को “चार साल बनाम बदहाल इंदौर” विषय पर सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *