पूर्व पार्षद ने जनसुनवाई में कलेक्टर से की शिकायत- जांच की मांग
इंदौर, 20 जनवरी 2026: रविवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में आयोजित वनडे क्रिकेट मैच के टिकटों की बिक्री को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में भाजपा के पूर्व पार्षद संजय कटारिया के साथ बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी पहुंचे और कलेक्टर शिवम वर्मा को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराने की मांग की।
शिकायत में कहा गया कि होलकर स्टेडियम की क्षमता 27 हजार से अधिक दर्शकों की है, इसके बावजूद एमपीसीए द्वारा ऑनलाइन टिकट बिक्री शुरू होते ही महज 1 मिनट के भीतर सभी टिकट सोल्ड आउट दिखा दिए गए। क्रिकेट प्रेमियों ने इसे संदेहास्पद बताते हुए कहा कि इतने कम समय में हजारों टिकट बिक जाना किसी “जादू” से कम नहीं है।
पूर्व पार्षद संजय कटारिया ने बताया कि इंदौर के लोग वर्षों से यहां होने वाले क्रिकेट मैच देखते आ रहे हैं। पहले “पहले आओ–पहले पाओ” के आधार पर खिड़की या अन्य माध्यमों से स्थानीय दर्शकों को टिकट आसानी से मिल जाया करते थे। इंदौर की महारानी श्रीमती उषा राजे होल्कर द्वारा होलकर स्टेडियम के लिए बड़ी भूमि निशुल्क दी गई, वहीं कई संस्थाओं और शहरवासियों ने एमपीसीए का हमेशा सहयोग किया। इसके बावजूद अब स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों को अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल जैसे बड़े मैचों से दूर रखा जा रहा है।
शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि स्टेडियम में हर मैच के दौरान 27 हजार से अधिक दर्शक मौजूद रहते हैं, लेकिन टिकट किस माध्यम से और किन लोगों तक पहुंचते हैं, इसकी कोई पारदर्शी जानकारी नहीं है। साथ ही आरोप लगाया गया कि इस बार कम कीमत के टिकट भी खुले बाजार में महंगे दामों पर बेचे गए, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
क्रिकेट प्रेमियों ने कलेक्टर से मांग की कि टिकट बिक्री प्रक्रिया, ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम और संभावित ब्लैक मार्केटिंग की जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इंदौर के वास्तविक क्रिकेट प्रेमियों को उनका हक मिल सके। कलेक्टर शिवम वर्मा ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
