मौके पर जाँची टीडीएस वेल्यू , TDS फेल—सरकार व प्रशासन पर गंभीर आरोप
इंदौर, 07 जनवरी 2026: भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों और बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने के मामले में विपक्ष ने सरकार और प्रशासन पर हमले तेज कर दिए हैं। बुधवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। सिंघार कुल छह क्षेत्रों में पहुंचे, जहां उन्होंने नल से सप्लाई हो रहे पानी की TDS वैल्यू जांची, जो मानकों पर खरी नहीं उतरी। कई जगहों पर पानी गंदा और बदबूदार मिला। स्थानीय रहवासियों ने शिकायत दर्ज कराई कि पिछले कई दिनों से दूषित पानी सप्लाई हो रहा है।
सिंघार ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाले इंदौर में नर्मदा का बदबूदार पानी सप्लाई होना शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की सक्रियता केवल भागीरथपुरा तक सीमित है, जबकि पूरा शहर उसी हाल में जी रहा है। उन्होंने कहा— “जो काम प्रशासन को करना चाहिए था, वह आज विपक्ष को सड़कों पर उतरकर करना पड़ रहा है।”
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ विपक्षी नेता व कार्यकर्ता मदीना नगर, खजराना, भूरी टेकरी, इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-2, बर्फानी धाम और कनाडिया क्षेत्रों में पहुंचे और नागरिकों की समस्याएं सुनीं।
नल कनेक्शन पर मनमानी वसूली का आरोप
सिंघार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुस्लिम बहुल मदीना नगर के रहवासियों ने शिकायत की कि नल कनेक्शन के नाम पर नगर निगम द्वारा 7–8 हजार रुपए की वसूली की जा रही है। कथित बकाया बताकर 22 हजार रुपए तक वसूलने की बात भी सामने आई। लोगों का कहना है कि सालाना 2–3 हजार रुपए के बिल आते हैं और भुगतान न करने पर कनेक्शन काटने की धमकी दी जाती है। साथ ही, दूषित पानी की समस्या अन्य क्षेत्रों से भी रिपोर्ट हुई।
गटर के पास से जा रही पानी की पाइपलाइन पर सवाल
उमंग सिंघार ने इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-2 में गटर के पास से गुजर रही पानी की पाइपलाइन को गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति भाजपा सरकार और नगर निगम की घोर विफलता का जीता-जागता प्रमाण है। सिंघार ने तंज कसा कि जिस क्षेत्र से भाजपा के वरिष्ठ नेता और वर्तमान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कई बार विधायक रहे हों और जहाँ से वर्तमान में रमेश मेंदोला विधायक हैं, वहाँ यह स्थिति अत्यंत शर्मनाक है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “मैं स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहा हूं। लोग खुलकर अपना दर्द और पीड़ा बता रहे हैं। आखिर प्रदेश की जनता को सीवेजयुक्त पानी क्यों पिलाया जा रहा है?” उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल व्यापक जांच कराए, दोषियों पर कार्रवाई करे और प्रभावित इलाकों में सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे।
नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।