भागीरथपुरा जल त्रासदी: राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, 24 परिवारों को सौंपे एक-एक लाख के चेक, मप्र नेता प्रतिपक्ष की तरफ से 50-50 हजार की सहता राशि

इंदौर, 17 जनवरी 2026: देश के सबसे स्वच्छ शहर के दावे के बीच भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से हुई मौतों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी कड़ी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 20 दिन बाद आज 17 जनवरी को इंदौर के भागीरथपुरा पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। मध्य प्रदेश कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी ने 24 पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक सौंपे।

कॉंग्रेस नेता राहुल गांधी ने मृतक जीवनलाल बरेड़े एवं मृतका गीता बाई के परिजनों से विशेष रूप से भेंट की और शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की ओर से भी प्रत्येक प्रभावित परिवार को 50-50 हजार रुपये की अतिरिक्त राहत राशि देने की घोषणा की गई है। इसके पहले राहुल गांधी ने बॉम्बे हॉस्पिटल पहुँचकर वहाँ दूषित पानी से बीमार लोगों से मिले और उनका हाल चाल जाना।

भागीरथपुरा में पीड़ित परिपारों से मिलने के बाद संस्कृति गार्डन में आयोजित मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि यह तथाकथित अर्बन मॉडल है, जहां लोगों को पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा। उन्होंने कहा, “इंदौर में लोग पानी पीकर मर रहे हैं। लोगों को डराया जा रहा है। यह केवल इंदौर की समस्या नहीं है, कई शहरों में यही पानी की समस्या है। ”

राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि साफ पानी उपलब्ध कराना और प्रदूषण को नियंत्रित करना सरकार की मूल जिम्मेदारी है, जिसे निभाने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। “जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है, सरकार में कोई न कोई जिम्मेदार जरूर होगा। सरकार को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और पीड़ितों को पूरी क्षतिपूर्ति देनी चाहिए,”

एक प्रश्न के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि वे इसे राजनीति के चश्मे से नहीं देख रहे हैं। “यहां लोगों की मौत हुई है। अगर कोई इसे राजनीति समझता है तो मुझे फर्क नहीं पड़ता। मैं यहां उनकी मदद करने, उनसे मिलने और उनके साथ खड़े होने आया हूं। यह मेरी जिम्मेदारी बनती है,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि मीडिया और देश का ध्यान जैसे ही इस मुद्दे से हटेगा, हालात फिर पहले जैसे हो जाएंगे, जबकि ज़मीनी सच्चाई जस की तस बनी रहेगी।

इस दौरान मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश सह-प्रभारी संजय दत्त, उषा नायडू, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कमलेश्वर पटेल, केंद्रीय चुनाव समिति सदस्य ओमकार मरकाम, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, AICC सचिव सत्यनारायण पटेल, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जयवर्धन सिंह, विधायक महेश परमार, सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष अर्चना जायसवाल, इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे एवं इंदौर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।