भागीरथपुरा में राहुल गांधी का दौरा, आमजन की पीड़ा रह गई अनसुनी

इंदौर(मप्र), 17 जनवरी 2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मप्र के इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी रही कि न तो स्थानीय रहवासी उनसे मिल सके और न ही मीडिया उनसे ठीक से संवाद कर पाई।

राहुल गांधी से मिलने और अपनी समस्याएं साझा करने की मंशा लिए कई लोग मौके पर पहुंचे थे, लेकिन जिला प्रशासन और विशेष सुरक्षा घेराबंदी के चलते आमजन को उनसे मिलने नहीं दिया गया। सुबह से ही भागीरथपुरा क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। मीडिया को भी रस्सी के पीछे सीमित कर दिया गया, ताकि राहुल गांधी से दूरी बनी रहे।

राहुल गांधी इंदौर प्रवास के दौरान पहले बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उन्होंने दूषित पानी की त्रासदी के पीड़ितों से मुलाकात की। इसके बाद वे भागीरथपुरा पहुंचे और सबसे पहले मृतका गीता बाई के घर जाकर परिजनों से मिले तथा उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान मृतका के बेटे ने राहुल गांधी से अपने लिए सरकारी नौकरी की मांग की। इसके पश्चात राहुल गांधी पैदल ही पास में रहने वाले मृतक जीवन लाल के घर पहुंचे।

इसके बाद राहुल गांधी कार से संस्कृति गार्डन पहुंचे, जहां उन्होंने दूषित जल कांड में मृत 24 लोगों के परिजनों से मुलाकात की और प्रत्येक परिवार को एक-एक लाख रुपये के चेक सौंपे। हालांकि, इस पूरे दौरे के दौरान कई ऐसे रहवासी थे जो राहुल गांधी से मिलना चाहते थे, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्थाओं के कारण उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। राधौगढ़ से आए अनिल यादव ने पुलिस के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आम लोगों के साथ पुलिस का रवैया उचित नहीं था।

वहीं भागीरथपुरा की 3 नंबर गली में रहने वाले रूपनारायण तिवारी अपने परिवार सहित राहुल गांधी से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें भी रोका गया। तिवारी ने बताया कि उनकी पत्नी स्वयं दूषित पानी का शिकार हुई हैं और जिस गली में वे रहते हैं वह इतनी संकरी है कि अंतिम यात्रा के समय अर्थी तक तिरछी करके ले जानी पड़ती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निगम ने लीकेज तलाशने के नाम पर खुले चैंबर छोड़ दिए हैं, जो असुरक्षित हैं।

इसी तरह कई अन्य रहवासियों की भी राहुल गांधी से मिलने की इच्छा अधूरी रह गई। इस संबंध में राहुल गांधी के दौरा प्रबंधक सुशांत मिश्रा ने बताया कि राहुल गांधी स्वयं पैदल चलकर क्षेत्र के हालात देखना चाहते थे, लेकिन प्रशासन की ओर से इसकी अनुमति नहीं दी गई।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।