शंखनाद दिव्य संतान का: डेली कॉलेज में 1 फरवरी को होगा ‘गर्भ संस्कार का विज्ञान’ पर प्रबोधन–संवाद
इंदौर, 19 जनवरी 2026: दिव्य संतान प्रकल्प के तत्वावधान में 1 फरवरी को ‘गर्भ संस्कार का विज्ञान’ विषय पर प्रबोधन एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम डेली कॉलेज, इंदौर में सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित होगा। कार्यक्रम में एक हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। नव दंपत्तियों को दिव्य संतान प्राप्ति हेतु संकल्प भी दिलवाया जाएगा।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भय्या जी जोशी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। विशेष अतिथि के रूप में अग्रवाल समूह के विनोद अग्रवाल, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री अशोक वार्ष्णेय और हितेश जानी सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर डॉ. अनिल गर्ग और डॉ. सीमा गर्ग द्वारा रचित पुस्तक ‘गर्भ संस्कार का विज्ञान’ का विमोचन भी किया जाएगा।
कार्यक्रम की तैयारी को लेकर सोमवार 19 जनवरी को जंजीरवाला चौराहा स्थित प्लास्टिक सर्जन डॉ. अनिल गर्ग के प्रतिष्ठान पर बुद्धिजीवी मातृशक्ति की बैठक आयोजित की गई, जिसका संचालन डॉ. संध्या चौकसे ने किया। बैठक में डॉ. सीमा गर्ग ने कहा कि आधुनिक विज्ञान यह सिद्ध कर चुका है कि मां के विचार, भावनाएं और आहार बच्चे के जीन और मस्तिष्क के विकास को गहराई से प्रभावित करते हैं। यही शाश्वत सत्य हमारे प्राचीन गर्भ संस्कार विज्ञान का आधार है।
डॉ. अनिल गर्ग ने गर्भ संस्कार को सामूहिक चेतना का अभियान बनाने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे आने वाले 20 वर्षों में स्वस्थ, सभ्य और राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने वाले समाज की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
प्रोफेसर डॉ. माया इंगले ने कहा कि मां के संस्कार के साथ-साथ घर-परिवार का वातावरण भी स्वस्थ होना चाहिए, ताकि मां की मानसिक और भावनात्मक सेहत सुदृढ़ रहे और वह गर्भस्थ शिशु को श्रेष्ठ संस्कार दे सके।
बैठक में मौजूद न्यूजओ2 की एडिटर नेहा जैन ने प्री-कंसीव (गर्भधारण पूर्व) संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिशु गर्भ में अपने पूर्व कर्मों के साथ आता है, जो उसके डीएनए में निहित होते हैं। मां गर्भावस्था के दौरान उसे संस्कारित कर उसके चरित्र निर्माण में भूमिका निभाती है, लेकिन गर्भधारण से पहले शुद्ध और पवित्र विचारों के साथ श्रेष्ठ आत्मा के आव्हान का प्रयास भी आवश्यक है।
इस अवसर पर भाजपा नेत्री पद्मा भोजे, पार्षद कंचन गिदवानी, सेज यूनिवर्सिटी से डॉ जमुना मिश्रा सहित विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठनों से जुड़ी अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।
