समाज परिवर्तन के लिए सज्जन शक्ति को साथ जोड़ना जरूरी: अतुल लिमये
इंदौर, 29 अक्टूबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने कहा कि समाज की चुनौतियों और समस्याओं के समाधान के लिए सज्जन शक्ति को साथ लेकर काम करने की कार्यशैली विकसित करनी होगी। समाज परिवर्तन का कार्य कठिन और श्रमसाध्य है, लेकिन इसे वीरव्रत के साथ पूरा करना है। जगन्नाथ का रथ तभी आगे बढ़ेगा, जब सभी का हाथ लगेगा।
वे बुधवार शाम 28 अक्टूबर को डेली कॉलेज में इंदौर विभाग के चरैवेति एकत्रीकरण में स्वयंसेवकों को संबोधित कर रहे थे। संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के समारोप पर आयोजित इस एकत्रीकरण में विभाग के पांच जिलों के स्वयंसेवक शामिल हुए।
लिमये ने कहा कि संघ की 100 वर्षों की यात्रा स्वयंसेवकों के अथक परिश्रम का परिणाम है। शाखा पद्धति के माध्यम से व्यक्ति निर्माण हुआ और देश-समाज के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं की श्रृंखला तैयार हुई। सेवा, प्रचार और संपर्क सहित विभिन्न गतिविधियों के जरिए समाज को जोड़ने तथा राष्ट्रीय विचारों के प्रसार का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन के विस्तार के साथ कार्य की गुणवत्ता बनाए रखना और समाज के आचरण में सकारात्मक परिवर्तन लाना जरूरी है। इसके लिए पंच परिवर्तन के संकल्प के साथ विचार और व्यवहार में बदलाव लाना होगा। लिमये ने सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्थाओं के बीच संवाद एवं समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज की समस्याओं के समाधान के लिए शासन और समाज, दोनों को मिलकर काम करना होगा।
कार्यक्रम का प्रारंभ ध्वजारोहण और संघ प्रार्थना से हुआ। इसके बाद सामूहिक योग प्रदर्शन किया गया। विभाग कार्यवाह रित्नेश रघुवंशी ने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रशांत शाह ने राष्ट्र निर्माण में अनुशासन और देशभक्ति के महत्व को रेखांकित किया।
